बिजली जोड़ने व हजारों के बिल माफ करने की मांग
12 फरवरी को आंदोलन की चेतावनी

चकिया (चंदौली)। तहसील दिवस के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब शहाबगंज ब्लॉक के ग्राम गोविंदीपुर के दर्जनों ग्रामीण अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की दलित बस्ती की बिजली बीते तीन दिनों से काट दी गई है, जिससे पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है।
किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट व पूर्व जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को संबोधित मांग पत्र नायब तहसीलदार को सौंपा। मांग पत्र में कहा गया कि गरीब दलित और मजदूर परिवारों पर हजारों रुपये के बिजली बिल लाद दिए गए हैं, जिन्हें माफ किया जाए या आसान किस्तों में वसूली की व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों का कहना था कि अचानक बिजली काट दिए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर तत्काल बिजली बहाल कराने की मांग की।
मांग पत्र में चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 12 फरवरी को ग्राम गोविंदीपुर की दलित बस्ती व मजदूर वर्ग के लोग बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

विभाग का पक्ष
इस संबंध में बिजली विभाग के अवर अभियंता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सौभाग्य योजना के तहत गांव के सभी कनेक्शनधारकों को बकाया बिजली बिल जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। साथ ही गांव में कैंप भी लगाया गया, लेकिन किसी भी उपभोक्ता ने बकाया राशि जमा नहीं की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही बकाया बिल जमा होगा, वैसे ही गांव की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

