पैदावार बढ़ाने और टिकाऊ खेती को मिलेगा बढ़ावा
जिला कृषि विभाग ने किया उपयोग का आह्वान,
रिपोर्ट मनोज सिंह, चंदौली। कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ते हुए भारत सरकार ने एआई आधारित राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) लॉन्च की है। यह प्रणाली उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) तकनीक के माध्यम से एकीकृत कीट प्रबंधन को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि यह प्रणाली फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों की पहचान कर उनके प्रभावी प्रबंधन में सहायक होगी। यह ऐप किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रसार कार्यकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने भी इसके प्रयोग की अनुशंसा की है।

कैसे काम करता है एनपीएसएस
राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली एक एआई आधारित डिजिटल मंच है। किसान अपनी फसल में दिख रहे कीट या रोगग्रस्त हिस्से की फोटो खींचकर सीधे ऐप पर अपलोड कर सकते हैं। ऐप एआई तकनीक से तस्वीर का विश्लेषण कर संभावित रोग या कीट की पहचान करता है और नियंत्रण के उपाय सुझाता है।
यह प्रणाली किसानों को कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से भी जोड़ती है, जिससे उन्हें त्वरित एवं वैज्ञानिक सलाह मिल सके।
किसानों को होंगे ये प्रमुख लाभ, कीट और रोगों का सटीक एवं त्वरित निदान
जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे इस एआई आधारित राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली का अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि आधुनिक तकनीक के माध्यम से खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला सकती है।

