शिकायतों के बाद भी नहीं बदला जर्जर पोल,हादसे का इंतजार कर रहा बिजली विभाग,ग्रामीणों में आक्रोश
शहाबगंज (चंदौली)। क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। इलाके में
33 हजार व 11 हजार लाइन के जर्जर और टूटे पोल लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं।
जानकारी के अनुसार चकिया से निकली 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन शहाबगंज पावर हाउस तक आती है। इसी लाइन का एक लोहे का विद्युत पोल बड़गावां प्राथमिक विद्यालय के पास काफी जर्जर हो चुका है। पोल के निचले हिस्से में बड़ा छेद हो गया है और वह किसी भी समय गिर सकता है। चिंताजनक बात यह है कि इसके बिल्कुल पास मकान और प्राथमिक विद्यालय स्थित है। इसी रास्ते से रोजाना बच्चों और ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में पोल गिरने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जर्जर पोल की शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई, लेकिन अब तक इसे बदलने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वहीं दूसरी ओर शहाबगंज विद्युत उपकेंद्र से निकलने वाले राममाड़ो फीडर की 11 हजार वोल्ट की लाइन का पोल करनौल मोड़ से लगभग 200 मीटर दक्षिण दिशा में चकिया–चंदौली मार्ग पर क्षतिग्रस्त हो गया है। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात वाहन ने पोल में टक्कर मार दी, जिससे पोल टूटकर लटक गया है। यह भी राहगीरों और आसपास के लोगों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।ग्रामीणों और राहगीरों ने बिजली विभाग से तत्काल जर्जर व टूटे पोल को बदलने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
इस संबंध में अवर अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि जर्जर और टूटे हुए पोल की जानकारी मिल चुकी है तथा उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि होली के त्योहार के कारण पोल बदला नहीं जा सका, लेकिन एक-दो दिन के भीतर जर्जर और टूटे पोल को बदलने की कार्रवाई कर दी जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पोल नहीं बदले जाते, तब तक क्षेत्र में भय का माहौल बना रहेगा और कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहेगी।




