राज्यसभा में उठाया किसानों से जुड़ा अहम मुद्दा
रिपोर्ट मनोज सिंह चंदौली
राज्यसभा सदस्य दर्शना सिंह ने देश के उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान चंदौली जिले के किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए यहां धान क्लस्टर की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि चंदौली को पूर्वांचल का “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां के किसान हर वर्ष बड़े पैमाने पर धान का उत्पादन कर प्रदेश और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
भंडारण व प्रसंस्करण की कमी से किसानों को नुकसान
दर्शना सिंह ने कहा कि जिले के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत किसान हैं, जो पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरीकों से खेती करते हैं। लेकिन धान के सुरक्षित भंडारण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कई बार किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। कटाई के बाद धान में नमी अधिक रहने से उसके खराब होने की आशंका बढ़ जाती है, जिससे किसानों को मजबूरी में कम दाम पर धान बेचना पड़ता है।
धान क्लस्टर बनने से किसानों को मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे में चंदौली जैसे बड़े धान उत्पादक क्षेत्र में धान क्लस्टर की स्थापना किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी।
आसपास के जिलों को भी होगा फायदा
दर्शना सिंह ने कहा कि चंदौली का धान उत्पादन केवल जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। यदि यहां धान क्लस्टर स्थापित होता है तो मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर और जौनपुर जैसे आसपास के जिलों के किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे धान के भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की बेहतर व्यवस्था विकसित होगी और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा।
कृषि मंत्री से की मांग
राज्यसभा सदस्य ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री से आग्रह किया कि चंदौली जिले में धान क्लस्टर की स्थापना कराई जाए, जिससे किसानों को बेहतर भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की सुविधाएं मिल सकें और उनकी आय में वृद्धि हो सके।




