शहीद दिवस पर गांधीनगर में सजेगा सुरों का महासंग्राम, बिरहा मुकाबले में भिड़ेंगे बड़े कलाकार
चकिया / चंदौली: शहीद दिवस के मौके पर चकिया क्षेत्र के गांधीनगर मे इस बार एक भव्य और यादगार सांस्कृतिक आयोजन होने जा रहा है। 23 मार्च 2026 को सुबास पार्क, गांधी नगर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। खास बात यह है कि इस आयोजन में पूर्वांचल के मशहूर बिरहा कलाकार आमने-सामने होंगे, जिससे दर्शकों को एक शानदार मुकाबला देखने को मिलेगा।
आयोजन समिति के अध्यक्ष श्रीकांत मौर्य व अमर सिंह गौड के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत रात 8 बजे से होगी। मंच पर लोकप्रिय बिरहा गायक विजय लाल यादव और चर्चित गायिका सरोज सरगम अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को देशभक्ति और लोकसंगीत के रंग में रंग देंगे। दोनों कलाकारों के बीच होने वाला बिरहा मुकाबला कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा और इसे देखने के लिए दूर-दराज से भी लोगों के आने की संभावना है।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद छोटेलाल खरवार (रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र) की मौजूदगी तय मानी जा रही है। इसके अलावा कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी कार्यक्रम में शामिल होंगी, जिनमें पूर्व विधायक पूनम सोनकर, जितेंद्र कुमार, टोनी खरवार और रमेश मौर्य जैसे नाम प्रमुख हैं। इनकी उपस्थिति कार्यक्रम को और भी खास बनाएगी।
शहीद दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आयोजन देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने और युवाओं में देशभक्ति की भावना को जागृत करने का प्रयास भी है। बिरहा जैसी लोक परंपरा के माध्यम से समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की पहल भी इसमें साफ नजर आती है।
आयोजकों ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं। स्थल पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। आयोजन समिति ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें।
चकिया में होने वाला यह बिरहा मुकाबला न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह क्षेत्र के लिए एक बड़ी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान भी स्थापित करेगा। स्थानीय लोगों को इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार है और उम्मीद की जा रही है कि यह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक संध्या के रूप में याद रखा जाएगा।



