एक शाम अबु बकर सिद्धिक(इंजी.) के नाम
शहाबगंज/चन्दौली : क्षेत्र के बड़गावां गांव में अदब और शायरी के चाहने वालों के लिए एक खास अदब की महफ़िल सजने जा रहा है। जश्ने अबु बकर सिद्दीक (इंजी.) के मौके पर कौमी यकजहती फाउंडेशन के तत्वावधान में कल सोमवार की शाम एक भव्य आल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

आयोजन के संयोजक अब्दुल कय्यूम खान ‘कम्मू’ ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मुशायरे में देश के विभिन्न राज्यों से नामचीन शायर और कवि शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल लोगों को मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, सौहार्द और एकता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस आयोजन की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी, जिसे अब अंतिम रूप दे दिया गया है।
कार्यक्रम स्थल पर विशेष सजावट की गई है, ताकि आने वाले मेहमानों और श्रोताओं को एक यादगार अनुभव मिल सके। साथ ही बाहर से आने वाले शायरों और अतिथियों के ठहरने, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है। आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए वालेंटियर्स की टीम को तैनात किया गया है, जो पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेगी।

इस मुशायरे में अतीक अंजर, शबा बलरामपुरी, दमदार बनारसी, अज्म शाकरी, खुर्शीद हैदर, सलमान जफर, सुहैल उस्मानी, चांदनी शबनम, सलमान घोसवी, शमशाद नेवादवी, गुफरान चुलबुल, रबीना अयाज, जमजम रामनगरी, सुरेश अकेला, शारिक फचलपुरी और प्रतिभा यादव जैसे चर्चित शायर अपनी बेहतरीन रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। इन शायरों की मौजूदगी से कार्यक्रम का स्तर और भी ऊंचा होने की उम्मीद है।
आयोजकों के अनुसार मुशायरे में हास्य, व्यंग्य, प्रेम, सामाजिक सरोकार और देशभक्ति जैसे विभिन्न विषयों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत की जाएंगी, जिससे श्रोताओं को विविधता से भरपूर साहित्यिक अनुभव प्राप्त होगा। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
अब्दुल कय्यूम खान ‘कम्मू’ ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस अदबी महफिल का हिस्सा बनें और कार्यक्रम को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है।
इस आयोजन के माध्यम से बड़गावां एक बार फिर साहित्य और संस्कृति के केंद्र के रूप में उभर रहा है। कार्यक्रम को लेकर युवाओं और साहित्य प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, जो इस मुशायरे को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



