जूनियर अधिवक्ताओं को 10 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड और पांच लाख रुपये मेडिकल बेनिफिट देने की मांग, एसडीएम के माध्यम से सौंपा ज्ञापन
चकिया। चंदौली जनपद की बाह्य न्यायालय चकिया में ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर अधिवक्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। अधिवक्ताओं ने सरकार से अधिवक्ताओं के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और आर्थिक सहायता की प्रभावी व्यवस्था किए जाने की मांग की।
ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के प्रदेश काउंसिल सदस्य लालचंद सिंह एडवोकेट, चकिया बार के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शिव प्रसाद मौर्य एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसके बावजूद अधिवक्ताओं को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा तथा गंभीर बीमारी की स्थिति में पर्याप्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं हो पाती है। वहीं नए जूनियर अधिवक्ताओं को पेशे की शुरुआत में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि अधिवक्ताओं को न्यूनतम 25 लाख रुपये का रिटायरमेंट बेनिफिट प्रदान किया जाए। इसके अलावा अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये का मेडिकल बेनिफिट सुनिश्चित किया जाए। नए जूनियर अधिवक्ताओं को पेशे की शुरुआत के दौरान आर्थिक सहयोग देने के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिए जाने की भी मांग की गई।
इस संबंध में अधिवक्ताओं ने माननीय विधि मंत्री, भारत सरकार नई दिल्ली, अध्यक्ष बार काउंसिल ऑफ इंडिया, राज्यपाल उत्तर प्रदेश तथा अध्यक्ष बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज को संबोधित ज्ञापन तैयार किया। ज्ञापन उपजिलाधिकारी चकिया के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को भेजा गया। साथ ही मांग पत्र चकिया तहसील कार्यालय में तहसीलदार को भी सौंपा गया।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि उनकी मांगों पर सरकार और संबंधित बार काउंसिल स्तर से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि अधिवक्ताओं को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा मिलने से न्याय व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा नए अधिवक्ताओं को अपने पेशे में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
इस दौरान बाबूलाल एडवोकेट, अंबेडकर, रिका देवी, वंदना पांडेय, संभव यादव, अजय, अरविंद, आदित्य राज सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।




