बौद्ध भिक्षुओं ने प्राचीन स्थल की विरासत को करीब से जाना, स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
शहाबगंज (चंदौली)। क्षेत्र के घूरहूपुर स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल पर सोमवार को वियतनाम से पहुंची 13 सदस्यीय टीम ने भ्रमण कर ऐतिहासिक एवं बौद्ध धरोहरों का अवलोकन किया। विदेशी बौद्ध अनुयायियों के पहुंचने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। टीम के सदस्यों ने बौद्ध स्थल की प्राचीनता, धार्मिक महत्व और यहां मौजूद ऐतिहासिक अवशेषों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
वियतनाम से आई टीम में प्रमुख रूप से बौद्ध भिक्षु अशोक वंश तथा अन्य बौद्ध अनुयायी शामिल रहे। टीम के सदस्यों ने घूरहूपुर स्थित बौद्ध स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थल से जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहलुओं को समझने में रुचि दिखाई। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में बौद्ध धर्म से जुड़े प्राचीन स्थलों की मौजूदगी इसे धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है।

भ्रमण के दौरान टीम के साथ स्थानीय स्तर पर अध्यक्ष वशिष्ठ मौर्य, गोविंद मौर्य, ओमचंद प्रकाश, रमाशंकर राजभर, महेंद्र राजभर, चिथारू राजभर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने वियतनाम से आए बौद्ध भिक्षुओं और अनुयायियों का स्वागत किया तथा उन्हें क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानकारी दी।

बौद्ध भिक्षुओं ने स्थल के वातावरण और यहां की ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखा। उन्होंने प्राचीन स्थल के संरक्षण और उसके धार्मिक महत्व को लेकर भी जानकारी ली। स्थानीय लोगों का कहना रहा कि विदेशी बौद्ध अनुयायियों के आगमन से घूरहूपुर के इस ऐतिहासिक स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि घूरहूपुर के बौद्ध स्थल को व्यवस्थित रूप से विकसित और संरक्षित किया जाए तो यह आने वाले समय में देश-विदेश से आने वाले बौद्ध अनुयायियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। वियतनाम से आई टीम के भ्रमण को स्थानीय लोगों ने क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं बौद्ध विरासत के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।




