20 साल बाद बन रही सैदूपुर–बेलावर से शाहपुर मार्ग की सड़क, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इलिया : विकास खण्ड शहाबगंज क्षेत्र में सैदूपुर–बेलावर से शाहपुर जाने वाली सड़क के नवीनीकरण कार्य को लेकर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मौके की तस्वीरों और ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार सड़क निर्माण में मानक के विपरीत सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।
20 साल बाद हो रहा सड़क का नवीनीकरण
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क करीब 20 वर्ष बाद नवीनीकरण के लिए बनाई जा रही है। लंबे समय से खराब सड़क के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि सड़क बनने के बाद क्षेत्र को बेहतर सुविधा मिलेगी, लेकिन अब निर्माण कार्य में ही अनियमितता के आरोप सामने आ रहे हैं।
लोकल दोयम दर्जे की अनसाइज गिट्टी का इस्तेमाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानक के अनुरूप क्रशर की गिट्टी की जगह लोकल दोयम दर्जे की अनसाइज गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है। तकनीकी मानकों के अनुसार जीएसबी में निर्धारित साइज की गिट्टी का इस्तेमाल होना चाहिए, लेकिन मौके पर जो गिट्टी डाली जा रही है वह अनसाइज और लोकल स्तर की बताई जा रही है।
जीएसबी में केवल डस्ट भरा होने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बेस में डाली जा रही जीएसबी में गिट्टी की मात्रा बेहद कम है और उसमें अधिकांश हिस्सा डस्ट (धूल) से भरा हुआ दिखाई दे रहा है। जीएसबी में गिट्टी और डस्ट का जो निर्धारित तकनीकी अनुपात होना चाहिए, उसका पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जीएसबी लगभग पूरी तरह डस्ट से भरी हुई है, जिससे सड़क की मजबूती पर असर पड़ सकता है।

गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी भी मौके पर दिखाई नहीं दे रही है। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह से सड़क बनाई गई तो कुछ ही समय में सड़क खराब हो सकती है और सरकारी धन की बर्बादी होगी।
जांच की उठी मांग
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई तो 20 साल बाद बनने वाली यह सड़क भी ज्यादा दिन टिकाऊ नहीं रह पाएगी।
अब देखना यह होगा कि पीडब्ल्यूडी विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर निर्माण कार्य की जांच कराता है या नहीं।




