देशभर में विरोध के बीच मायावती ने जताया समर्थन

चंदौली।
यूजीसी के नए कानून में समानता समिति से जुड़े प्रावधानों को लेकर पूरे देश में विरोध और चर्चा का माहौल बना हुआ है। इस बीच बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने नए कानून का समर्थन करते हुए सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की है
संयम से काम लेने की जरूरत – धनश्याम प्रधान
इस संबंध में बसपा जिलाध्यक्ष धनश्याम प्रधान ने कहा कि यदि इस प्रकार के नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों को विश्वास में लिया जाता, तो सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने कहा कि सरकारों और संबंधित संस्थानों को ऐसे मामलों में गंभीरता से विचार करना चाहिए।
भड़काऊ बयानों से दूर रहने की अपील
धनश्याम प्रधान ने दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों से अपील की कि वे अपने वर्ग के हितों और विकास के नाम पर दिए जा रहे भड़काऊ बयानों से बचें। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करते हैं।
चंदौली में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का दावा
उन्होंने कहा कि जनपद चंदौली में सामाजिक तनाव को कम करते हुए आपसी भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने के लिए बसपा हरसंभव प्रयास करेगी, ताकि समाज में शांति बनी रहे।
जातिगत भेदभाव के समाधान की दिशा में कदम
बसपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि यूजीसी के नए नियम उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव से जुड़ी शिकायतों के निवारण और समाधान के लिए बनाए गए हैं। नए कानून के विरोध की आड़ में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।

