28 मार्च को स्थापना दिवस मनाने का निर्णय
चंदौली। किसान विकास मंच की ओर से भिटियां मंदिर परिसर में होली मिलन समारोह हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। गेहूं की सिंचाई और लगन-बरात के व्यस्त मौसम के बावजूद दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक किसान आते-जाते रहे और आपस में गले मिलकर पर्व की खुशियां साझा करते रहे।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर गंभीर चर्चा की। बीच-बीच में होली गीतों की प्रस्तुति से माहौल पूरी तरह होलीमय हो गया। किसान नेताओं ने कहा कि आज किसानों को खेती में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके समाधान के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
किसान विकास मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने कहा कि किसान पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहा है। इसके ऊपर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की खेती और संप्रभुता पर दबाव बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान इन चुनौतियों का डटकर सामना करेंगे और किसी भी तरह के हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
वक्ता अशोक सिंह ने कहा कि धान खरीद का भुगतान अभी भी कई किसानों को नहीं मिला है। पोर्टल बंद होने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसके खिलाफ किसानों को संगठित होकर संघर्ष करना पड़ेगा।
श्याम बिहारी सिंह ने कहा कि यदि किसान अभी से सचेत नहीं हुए तो वैश्विक स्तर की राजनीति और आर्थिक दबावों का असर सीधे किसानों और आम जनता पर पड़ेगा। उन्होंने किसानों से जागरूक और संगठित रहने का आह्वान किया।
संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने भी किसानों की समस्याओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश की नीतियों का असर खेती और किसानों पर सीधे पड़ता है। यदि कृषि उत्पादों और डेयरी उत्पादों के आयात का दबाव बढ़ा तो इससे भारतीय किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान राम अवध सिंह ने “भींगी सारी गुलाबी चुनरिया रे, मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे” और “होली के दिन खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं” जैसे होली गीत सुनाकर माहौल को उत्साह से भर दिया। अंत में कार्यकर्ताओं ने विभिन्न नारों के साथ अपनी एकजुटता भी प्रकट की।
बैठक में सर्वसम्मति से संगठन का स्थापना दिवस 28 मार्च को बरियारपुर में मनाने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम में अशोक सिंह, श्याम बिहारी सिंह, राधेश्याम पांडेय, इंद्रदेव यादव, बिजयमल मौर्य, सुरेश मौर्य, अशोक कुमार द्विवेदी, अयूब खान, दुर्गेश पांडेय, राम भरत सिंह, रमेश पांडेय, राधेश्याम सिंह, सुदामा यादव, अनिल पांडेय, राजेश्वर सिंह, अनिल सिंह, राम अशोक पाण्डेय, रामानुज पांडेय, राकेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रेश पांडेय, जय किशोर सिंह, दीनबंधु सिंह, दीनदयाल सिंह, अवधेश सिंह, अम्बुज सिंह, सिप्पू सिंह, मनमोहन सिंह, शिवाजी सिंह और सत्य नारायण दूबे सहित कई किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अयूब खान ने की, जबकि संचालन संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने किया।




