अतायस्तगंज अम्बेडकर पार्क में धूमधाम से मनाई गई कांशीराम की जयंती
शहाबगंज (चंदौली)। बहुजन समाज के महान नेता, बामसेफ, डीएस-4 और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती रविवार को क्षेत्र के अतायस्तगंज गांव स्थित अम्बेडकर पार्क में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने केक काटकर जयंती समारोह को उत्साहपूर्वक मनाया और उनके जीवन संघर्ष व विचारों को याद किया।
तैलचित्र पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत कांशीराम के तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने उनके जीवन संघर्ष और बहुजन समाज के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
बहुजन समाज के राजनीतिक एकीकरण के लिए किया संघर्ष
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधान बाबुनंदन सिंह ने कहा कि कांशीराम एक दूरदर्शी भारतीय राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे, जिन्होंने बहुजन समाज के राजनीतिक एकीकरण और सामाजिक उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को संगठित कर उन्हें राजनीतिक अधिकार दिलाने का कार्य किया। वे सामाजिक न्याय के सच्चे पुरोधा थे और उनका पूरा जीवन बहुजन समाज के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित रहा।
‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ का दिया नारा
उन्होंने आगे कहा कि 20वीं सदी के अंतिम दशक में कांशीराम भारतीय राष्ट्रीय राजनीति के परिदृश्य में एक चमकते सितारे के रूप में उभरे। उनका दिया गया नारा “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” आज भी सामाजिक न्याय की राजनीति का आधार माना जाता है। इस नारे के माध्यम से उन्होंने देश की लगभग 85 प्रतिशत दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों की राजनीति में भागीदारी सुनिश्चित करने की आवाज बुलंद की।
जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ किया संघर्ष

पूर्व प्रधान अरविंद कुमार मिश्र ने कहा कि कांशीराम स्वयं भी जीवन में जातिवाद, छुआछूत और भेदभाव के शिकार रहे। सरकारी नौकरी के दौरान उन्होंने इन परिस्थितियों को करीब से देखा और महसूस किया, जिसके बाद उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को उनके अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष का संकल्प लिया।
युवाओं के लिए प्रेरणा है कांशीराम का जीवन

पूर्व जिला पंचायत सदस्य रतीश कुमार ने कहा कि कांशीराम साहब ने समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को एकजुट कर उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। समिति के अध्यक्ष बाबूलाल भास्कर ने कहा कि कांशीराम का जीवन संघर्ष और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बहुजन समाज को संगठित कर राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का जो कार्य किया, वह देश के लोकतंत्र को मजबूत करने वाला रहा।
आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कांशीराम के आदर्शों पर चलने और समाज में समानता, भाईचारा तथा सामाजिक न्याय को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व प्रधान उमेश कुमार, प्रधान लालब्रत पासवान, विनोद कुमार, मिथलेश,बीरुद्दीन, संजय कुमार, फौजी अंकित कुमार, धरमू राम, आजाद, महेश, भिखारी, राजेश कुमार, मुन्ना राम, राजू आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रतीश कुमार ने किया।




