कस्बे से रोज निकलती तस्करी, पकड़ में आते सिर्फ पाउच वाले!
इलिया (चन्दौली एक्सप्रेस)। इलिया कस्बा इन दिनों शराब तस्करी को लेकर चर्चाओं के केंद्र में है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यहां से आएदिन बड़े पैमाने पर शराब की खेप बिहार की ओर रवाना होती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कभी-कभार 30-40 पाउच लेकर घूम रहे किसी एकाक तस्कर को पकड़कर सफलता का आंकड़ा जरूर चमका दिया जाता है। बड़े खिलाड़ी आखिर किस अदृश्य कवच में सुरक्षित हैं — यह सवाल अब खुलेआम पूछा जाने लगा है।
तेल के ड्रम में छिपी शराब या व्यवस्था की ‘स्मार्ट पैकिंग’?
सूत्रों के मुताबिक शराब की बोतलों को तेल के बड़े प्लास्टिक ड्रमों में छिपाकर भेजा जा रहा है। हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि इलिया क्षेत्र से गाड़ियां बेखौफ निकल जाती हैं, लेकिन बिहार सीमा में प्रवेश करते ही एक्साइज विभाग की पकड़ में आ जाती हैं। लोग तंज कस रहे हैं कि शायद शराब को भी पता है कि किस सीमा के बाद कानून ज्यादा जाग जाता है।
वायरल लिस्ट ने बढ़ाई हलचल
कुछ दिन पहले इलिया क्षेत्र की शराब दुकानों से कथित वसूली की एक सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। सूची में बाकायदा थाना इलिया, कारखास आलोक सिंह, दीवान जी और आबकारी विभाग तक के नाम दर्ज होने की चर्चा रही। हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन वायरल कागज ने इलाके में कई असहज सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
‘क्या थाना उसी सिस्टम से बंधा है?’ — पूछ रहे क्षेत्रवासी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि तस्करी लगातार जारी है और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही, तो क्या इलिया थाना किसी तय सिस्टम से बंधा हुआ है? आखिर बड़े स्तर की खेप कैसे निकल जाती है और कार्रवाई सिर्फ छोटे मामलों तक सीमित क्यों रह जाती है।
आदेश आया तो बढ़ जाती है कार्रवाई की रफ्तार!
इलाके में यह भी चर्चा है कि जब ऊपर से सख्ती का आदेश आता है तो अचानक एकाक 30-40 पाउच झोले में लेकर जाने वालों को पकड़कर प्रिवेंटिव कार्रवाई का आंकड़ा बढ़ा दिया जाता है। इसके बाद माहौल फिर पहले जैसा सामान्य हो जाता है।
नए थानाध्यक्ष हैं, अब शिकायत की गुंजाइश नहीं रहेगी’ — सीओ चकिया
इस पूरे मामले पर क्षेत्राधिकारी चकिया रघुराज ने कहा कि इलिया थाना पर अभी नवागत थानाध्यक्ष की तैनाती हुई है। उन्हें क्षेत्र से जुड़ी सभी शिकायतों और परिस्थितियों की पूरी जानकारी दे दी जाएगी, ताकि पहले जैसी पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर कोई शिकायत सामने न आए। अब देखना यह होगा कि बदलते चेहरे के साथ व्यवस्था भी बदलती है या फिर सवाल वही पुराने रह जाते हैं।

