होली पर्व पर छाई मायूसी
शहाबगंज : शहाबगंज विकासखंड के मनरेगा सेल में कार्यरत कर्मियों को पिछले सात माह से मानदेय न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। त्योहारी सीजन में जहां आमतौर पर बाजारों में रौनक रहती है, वहीं मनरेगा कर्मियों के घरों में इस बार मायूसी छाई हुई है। होली का पर्व नजदीक होने के बावजूद वे परिवार की आवश्यक जरूरतें तक पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
जनवरी से मजदूरों की मजदूरी भी लंबित
केवल कर्मी ही नहीं, बल्कि मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों व रोजगार सेवक की मजदूरी भी सात माह से नहीं आई है। मजदूरों का कहना है कि कई कार्यों का मस्टर रोल बंद हो चुका है, लेकिन जनवरी माह से भुगतान खाते में नहीं पहुंचा। दैनिक मजदूरी पर आश्रित परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश
भुगतान न मिलने से परेशान श्रमिक आए दिन ब्लॉक कार्यालय पहुंच रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा। कई बार तकनीकी दिक्कत, बजट की कमी या पोर्टल पर फंसे भुगतान का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया जाता है। इससे उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
कर्मियों ने उठाई शीघ्र भुगतान की मांग
मनरेगा सेल में तैनात कर्मियों का कहना है कि नियमित रूप से डाटा फीडिंग, कार्य प्रगति रिपोर्ट और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद सात माह से मानदेय रोका जाना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से अविलंब बकाया भुगतान कराने की मांग की है।
कर्मियों और श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।




