होली पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराने को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट,
रिपोर्ट मनोज सिंह, चंदौली। राग, रंग, हंसी, खुशी और आपसी प्रेम-भाईचारे का प्रतीक होली पर्व जिले भर में पूरे उल्लास और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार की देर रात जनपद के अनेक हिस्सों में विधि-विधान से होलिका दहन किया गया, वहीं कुछ स्थानों पर मंगलवार को भी परंपरा के अनुसार होलिका जलाई गई। होलिका दहन के साथ ही रंगोत्सव का उत्साह चरम पर पहुंच गया है और बुधवार को सूर्योदय के साथ ही अबीर-गुलाल की बौछार के बीच होली का जश्न मनाया जाएगा।
जिला मुख्यालय से लेकर पीडीडीयू नगर और ग्रामीण अंचलों तक हर ओर रंगों की तैयारी पूरी हो चुकी है। बाजारों में पिछले कई दिनों से रौनक बढ़ी हुई है। रंग, अबीर, गुलाल, पिचकारी, मुखौटे और रंगीन टोपी की दुकानों पर बच्चों और युवाओं की भीड़ देखी गई। दुकानदारों का कहना है कि इस बार हर्बल रंगों की मांग अधिक रही है। कपड़ा बाजार भी देर शाम तक ग्राहकों से गुलजार रहा। लोग नए परिधानों की खरीदारी में जुटे रहे ताकि त्योहार को पूरे उत्साह से मना सकें।
घरों में भी त्योहार की तैयारियां पूरे जोरों पर रहीं। महिलाओं ने गुझिया, दही-बड़े, पापड़, नमकीन और अन्य पारंपरिक पकवान बनाने में व्यस्तता दिखाई। बच्चों के चेहरे पर रंग खेलने की खुशी साफ झलक रही थी। गांवों में युवाओं की टोली ढोल-नगाड़ों के साथ होली गीतों का अभ्यास करती नजर आई। कई स्थानों पर फाग गायन की परंपरा भी निभाई जा रही है, जिससे वातावरण पूरी तरह होलीमय हो गया है।
होलिका दहन के अवसर पर लोगों ने परिक्रमा कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। ग्रामीणों का मानना है कि यह पर्व बुराइयों के अंत और अच्छाई की जीत का संदेश देता है। परंपरा के अनुसार लोग होलिका की राख घर लाकर उसे शुभ मानते हैं।
प्रशासन है अलर्ट, शांति व्यवस्था पर विशेष नजर
होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। थाना क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और अराजक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे त्योहार आपसी सौहार्द के साथ मनाएं और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व में खलल डालने वाले अवांछनीय तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई भ्रामक या भड़काऊ संदेश प्रसारित न हो सके। शांति समिति की बैठकों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग भी रहेगा अलर्ट मोड पर
होली के दौरान रंगों से होने वाली एलर्जी, आंखों में जलन या अन्य आपात स्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी विशेष तैयारी की है। 4 और 5 मार्च को जिला संयुक्त चिकित्सालय में त्वचा एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे। इमरजेंसी वार्ड को सक्रिय रखा गया है और अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है।
सीएमओ डॉ. वाई. के. राय ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आवश्यक दवाएं और चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। एंबुलेंस सेवा भी मुस्तैद रहेगी ताकि किसी भी मरीज को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि रासायनिक रंगों से बचें और सावधानीपूर्वक होली खेलें।
सौहार्द और प्रेम का पर्व है होली
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक है। यह पर्व हमें पुरानी कटुता भुलाकर नए सिरे से संबंधों को मजबूत करने का संदेश देता है। जिले भर में लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं देंगे और पकवानों का आनंद लेंगे।
प्रशासन और समाज के जागरूक लोगों ने नागरिकों से अपील की है कि होली के इस पावन अवसर पर संयम, सद्भाव और मर्यादा बनाए रखें। मिल-जुलकर मनाया गया त्योहार ही वास्तविक आनंद देता है।
रंगोत्सव की उमंग अब पूरे जिले में छा चुकी है। बुधवार को सुबह से ही चंदौली की गलियां रंगों से सराबोर होंगी और हंसी-ठिठोली के बीच होली का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया जाएगा।




