पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वन विभाग ने किया पौधारोपण, लिया हरियाली बढ़ाने का संकल्प
चकिया / चंदौली। विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर शनिवार को चंद्रप्रभा रेंज स्थित लतीफशाह वन विश्राम गृह परिसर में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की तर्ज पर वृक्ष बंधु श्री परशुराम सिंह के नेतृत्व में पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना तथा वृक्षारोपण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। वृक्ष बंधु श्री परशुराम सिंह ने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण को संतुलित रखने में ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के भाव को समझाते हुए बताया कि जिस प्रकार हम अपनी मां के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हैं, उसी तरह एक पौधा लगाकर प्रकृति के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

इस अवसर पर चंद्रप्रभा रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री अखिलेश कुमार दुबे ने कहा कि वनों का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। तेजी से बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खतरे को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जा सके।
उप क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री रामचरित्र सिंह ने भी पौधारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जैव विविधता को बनाए रखने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें, जिससे वे बड़े होकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
कार्यक्रम में वन दरोगा रिशु चौबे, श्रीमती जागृति यादव, अरविंद गौड़, मनदीप गौड़ सहित अन्य वन कर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने मिलकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने स्तर पर अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। इस प्रकार का आयोजन न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाता है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी प्रसारित करता है।




