मोबाइल नंबर, लाइसेंस नंबर व ई-मेल के आधार पर होगा ऑनलाइन पंजीकरण
रिपोर्ट मनोज सिंह
चंदौली। कीटनाशकों की बिक्री और उपयोग को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने जनपद में संचालित सभी थोक और फुटकर कीटनाशक विक्रेताओं का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। बिना पंजीकरण के कीटनाशी कारोबार करने वालों के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम 1968 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा ने बताया कि जनपद के सभी कीटनाशक विक्रेता, डीलर तथा कंपनियां अपनी दुकानों का पंजीकरण आईपीएमएस पोर्टल www.ipms.gov.in� पर अनिवार्य रूप से कराएं। पंजीकरण की प्रक्रिया मोबाइल नंबर, लाइसेंस नंबर और ई-मेल आईडी के माध्यम से पूरी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यदि पंजीकरण के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है तो विक्रेता, डीलर या विनिर्माता जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी कीटनाशक विक्रेता का आईपीएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण नहीं पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने सभी विक्रेताओं से अपील की है कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए समय रहते आईपीएमएस पोर्टल पर अपना पंजीकरण पूरा कर लें, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।




