छत की ढलाई बनी काल, नैढ़ी गांव में हादसे से मचा कोहराम
ढलाई के दौरान गिरा स्लैब

चंदौली। जनपद के बलुआ थाना क्षेत्र के नैढ़ी गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में 50 वर्षीय हकीमुल्ला की मौत हो गई। निर्माणाधीन मकान की छत की ढलाई के दौरान अचानक पूरा स्लैब भरभराकर गिर पड़ा, जिससे वह मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
सहारा कमजोर होने की आशंका
प्राप्त जानकारी के अनुसार हकीमुल्ला अपने नए मकान का निर्माण कार्य करा रहे थे। मंगलवार को छत की ढलाई का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ढलाई के दौरान नीचे पर्याप्त सहारा और मजबूत बल्लियां नहीं लगाई गई थीं। ताजा डाले गए कंक्रीट का वजन अधिक होने के कारण स्लैब अचानक धंस गया और पूरा हिस्सा नीचे आ गिरा।
हादसे के समय हकीमुल्ला वहीं मौजूद थे और अचानक हुए ध्वंस में मलबे की चपेट में आ गए। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

ग्रामीणों ने हटाया मलबा, नहीं बच सकी जान
छत गिरने की आवाज सुनते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण दौड़ पड़े। आनन-फानन में मलबा हटाया गया और हकीमुल्ला को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। हादसे में मौजूद कुछ अन्य लोगों को हल्की चोटें आईं, जिनका प्राथमिक उपचार कराया गया।

पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही बलुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में लापरवाही की आशंका के आधार पर जांच की जा रही है। यदि किसी की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हकीमुल्ला अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

