इलिया (चंदौली)। धान खरीद व्यवस्था में व्यापक अनियमितता का मामला सामने आया है। सहकारी समिति खरौझा पर जहां एक सप्ताह से बोरा उपलब्ध न होने के कारण किसान धान को उठाकर अपने घर ले जाने को विवश है ।
वहीं तियरी खरीद केंद्र पर लगभग 2000 कुंतल धान का अब तक किसानों का अंगूठा (बायोमेट्रिक सत्यापन) नहीं लग सका है। इससे पूरी खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

खरौझा सहकारी समिति पर बीते एक सप्ताह से धान भरने के लिए बोरा उपलब्ध नहीं है,अब किसान धान वापस ले जाने लगे हैं। आंकड़ों के अनुसार, खरौझा समिति पर अब तक करीब 6200 कुंतल धान की खरीद दिखाई गई है। किसानों का आरोप है कि धान केंद्र परिसर में रखा है, लेकिन रजिस्टरों में अन्य किसानों की खरीद पूरी दर्शा दी गई है।
तियरी केंद्र पर 2000 कुंतल धान का नहीं लगा अंगूठा
तियरी स्थित पीसीएफ खरीद केंद्र पर लगभग 12000 कुंतल धान की खरीद दर्शाई गई है, लेकिन इसमें से करीब 2000 कुंतल धान का अब तक किसानों का अंगूठा नहीं लग पाया है। किसानों का कहना है कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया अधूरी रहने से भुगतान में देरी की आशंका बनी हुई है।
इलिया पीसीयू केंद्र पर भी भारी खरीद, किसान भुगतान को लेकर आशंकित
इलिया स्थित पीसीयू केंद्र पर लगभग 10000 कुंतल धान की खरीद दिखाई गई है। बोरा न मिलने से कई किसान मजबूरन अपना धान वापस ले जा रहे हैं।
एडीओ कोऑपरेटिव बोले—जांच कराकर होगी कार्रवाई
एडीओ कोऑपरेटिव सुनील कुमार पाल ने कहा कि बोरों की उपलब्धता को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जहां भी बोरे की कमी है, वहां शीघ्र आपूर्ति कराई जाएगी। अंगूठा न लगने और कागजी खरीद के आरोपों की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी जाएगी।

