चकिया से सुल्तानपुर तक गूंजा शांति और समरसता का स्वर
इलिया (चंदौली)। आस्था, सद्भाव और मानवता के संदेश से ओतप्रोत ‘सत्य श्रद्धालु मानव मिलन यात्रा’ रविवार को चकिया काली जी पावर हाउस से निकली। यात्रा के दौरान “सत्य ही शांति का मार्ग है” के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। हाथों में ध्वज और हृदय में विश्व बंधुत्व का संदेश लिए श्रद्धालुओं का कारवां मंगरौर, गांधी नगर, बरहुआ, सैदूपुर, सरैया और बसाढी होते हुए सुल्तानपुर गांव पहुंचा।
सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान
यात्रा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि वर्तमान समय में बढ़ती बेचैनी और तनाव के बीच समाज को जोड़ने का सशक्त प्रयास बनी। सुल्तानपुर में आयोजित सभा में श्रद्धा वाणी, भजन तथा ‘उद्धव दर्शन’ के माध्यम से वक्ताओं ने कहा कि जब मनुष्य सत्य से विमुख होकर स्वार्थ और संकीर्णताओं में उलझ जाता है, तब समाज में अशांति का वातावरण बनता है। ऐसे समय में सत्य का प्रकाश ही मानव को सुख-शांति की राह दिखा सकता है।
आत्मचिंतन और समरसता पर बल
‘उद्धव दर्शन’ के दौरान वक्ताओं ने मानव जीवन के उद्देश्य, आत्मचिंतन और सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ती वैमनस्यता और मानसिक तनाव का समाधान सत्य ज्ञान और आपसी प्रेम में निहित है। सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना की।
विभिन्न जनपदों से पहुंचे श्रद्धालु
कार्यक्रम में चंदौली सहित गाजीपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, संत रविदास नगर, वाराणसी और गोरखपुर से श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। इस अवसर पर संरक्षक श्रीनाथ मानव, संयोजक अहितीय मानव चंदौली, अमरनाथ मानव, डॉ. अमरजीत, पुष्पा, मनभावती, पवन समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
यात्रा ने जहां धार्मिक चेतना को जागृत किया, वहीं समाज में प्रेम, एकता और सत्य के मार्ग पर चलने का सशक्त संदेश भी दिया।

