एक शिक्षक के भरोसे 58 छात्र, पढ़ाई और पोषण दोनों पर संकट

चंदौली।
नौगढ़ तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सेमरिया में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अनदेखी उस समय उजागर हो गई, जब विकास मित्तल, एसडीएम नौगढ़ ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में विद्यालय में तैनात कुल छह शिक्षकों (तीन सहायक अध्यापक व तीन शिक्षामित्र) में से केवल एक—हेड मास्टर अखिलेश सिंह—ही उपस्थित मिले, जबकि शेष पांच शिक्षक बिना सूचना के ड्यूटी से नदारद पाए गए।
6 की तैनाती, 1 की जिम्मेदारी: भगवान भरोसे 58 बच्चे
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पंजीकृत 58 छात्रों में से मात्र 13 बच्चे ही उपस्थित मिले। शेष बच्चे लंबे समय से विद्यालय नहीं आ रहे थे। एकमात्र उपस्थित हेड मास्टर ही बच्चों को संभालने और पढ़ाने का प्रयास करते दिखे, जबकि पूरी शिक्षकीय टीम की गैरहाजिरी से शिक्षण कार्य लगभग ठप रहा।
15 दिनों से मिड-डे मील और दूध वितरण ठप
विद्यालय की स्थिति और भी चिंताजनक मिली। पिछले 15 दिनों से मध्यान्ह भोजन योजना पूरी तरह बंद थी। न तो बच्चों को भोजन दिया जा रहा था और न ही निर्धारित दूध का वितरण हो रहा था। इसका सीधा असर छात्र उपस्थिति पर पड़ा है और अभिभावकों का भरोसा विद्यालय से उठता नजर आया।
विद्यालय समय में कोटेदार के यहां राशन लेने गया शिक्षक
जांच में सामने आया कि एक सहायक अध्यापक संतोष कुमार विद्यालय समय के दौरान कोटेदार के यहां राशन लेने चले गए थे। वहीं, तीन शिक्षामित्र और एक अन्य सहायक अध्यापक बिना अनुमति के अनुपस्थित पाए गए।
SDM के निर्देश पर सख्त कार्रवाई
एसडीएम के निर्देश पर लालमणि कनौजिया, एबीएसए नौगढ़ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए—
हेड मास्टर अखिलेश सिंह को लापरवाही पर स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया,
तीन शिक्षामित्रों का मानदेय तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध किया,अनुपस्थित सहायक अध्यापकों के वेतन रोकने की संस्तुति की।
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
एसडीएम विकास मित्तल ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में शिथिलता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अन्य विद्यालयों में हड़कंप, बढ़ेगा निरीक्षण
इस कार्रवाई के बाद नौगढ़ क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे और लापरवाह कर्मियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

