चंदा विवाद से जुड़ रहा प्रकरण
पुलिस व शिक्षा विभाग की जांच जारी
वीडियो क्लिप उच्चाधिकारियों को भेजी गई

शहाबगंज।
क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय करनौल में हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर मामला दिन-ब-दिन संदिग्ध होता जा रहा है। घटना के बाद जहां एक ओर अराजक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर यह प्रकरण सरस्वती पूजा के चंदे और विद्यालय संचालन से जुड़े विवाद से भी जोड़ा जा रहा है। मामले को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार की रात अज्ञात अराजक तत्वों ने विद्यालय में खिड़की के रास्ते प्रवेश कर कमरों में लगे पंखे, श्यामपट, पठन-पाठन सामग्री सहित अन्य सामान को क्षतिग्रस्त कर दिया। सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह के लिए जब शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो कमरों में सामान बिखरा हुआ देख वे हैरान रह गए। इसके बाद प्रधानाध्यापक द्वारा तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना को सरस्वती पूजा के चंदे से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि गांव के कुछ युवक सरस्वती पूजा के लिए चंदा मांगने विद्यालय पहुंचे थे, जहां शिक्षकों द्वारा चंदा देने से इनकार कर दिया गया। इससे नाराज होकर युवकों ने विद्यालय में पढ़ाई के समय शिक्षकों को मैदान में बैठे हुए देखा और इसका वीडियो बनाकर बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दिया। वीडियो के संज्ञान में आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
इसी वीडियो को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि वीडियो में यह भी दिख रहा है कि शिक्षकों द्वारा बच्चों को विद्यालय से बाहर पानी लाने के लिए भेजा गया, जिसे नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है। इस बिंदु को भी जांच में शामिल किया गया है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक खुद को बचाने के लिए विद्यालय के कमरों का सामान स्वयं ही बाहर फेंककर गांव के युवकों पर आरोप मढ़ रहे हैं। इसको लेकर गांव में चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उन्हें फिलहाल इस मामले की कोई विस्तृत जानकारी नहीं है। उधर, थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि प्रकरण की जानकारी है और कुछ वीडियो क्लिप भी प्राप्त हुई हैं, जिन्हें संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय में हुई तोड़फोड़ के पीछे वास्तविक कारण क्या है और इसमें कौन जिम्मेदार है?

