मरम्मत के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजा गया रिपोर्ट
शहाबगंज (चंदौली)। क्षेत्र की बिजली व्यवस्था इन दिनों अव्यवस्था का शिकार बनी हुई है। शहाबगंज 33/11 विद्युत उपकेंद्र से संचालित भूसी–भोड़सर फीडर की ट्राली लगभग एक महीने से खराब पड़ी है। इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक स्थायी मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। ऐसे में बिजली आपूर्ति को किसी तरह जारी रखने के लिए लाइन को टेपिंग के सहारे चलाया जा रहा है, जिससे बार-बार ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न हो रही है और ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पैनल पर चस्पा सूचना से खुली पोल

उपकेंद्र के पैनल पर चस्पा एक सूचना में स्पष्ट लिखा गया है कि भूसी फीडर की ट्राली खराब होने के कारण शहाबगंज फीडर में टेप करके लाइन चलाई जा रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि विभाग को खराबी की जानकारी है, लेकिन करीब एक माह बीत जाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
बार-बार ट्रिपिंग से ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों का कहना है कि लाइन टेपिंग के सहारे चलने के कारण अक्सर बिजली ट्रिप कर जा रही है। इससे क्षेत्र में बार-बार बिजली गुल हो जाती है, जिससे घरेलू कामकाज के साथ-साथ किसानों और छोटे कारोबारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।
जुगाड़ से चल रही लाइन से लाइनमैन पर खतरा
वहीं जुगाड़ के सहारे चल रही इस व्यवस्था से विभाग के लाइनमैनों के लिए भी खतरा बना हुआ है। टेपिंग के जरिए चल रही लाइन में बार-बार फाल्ट और ट्रिपिंग होने से मरम्मत कार्य के दौरान कर्मचारियों को अतिरिक्त जोखिम उठाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की अस्थायी व्यवस्था कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
जल्द नई ट्राली लगाने का आश्वासन
इस संबंध में अवर अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि भूसी फीडर की ट्राली खराब होने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। शासन स्तर से उपकेंद्र के चारों फीडर की ट्राली बदलने का प्रस्ताव भी पास हो चुका है। हालांकि कुछ तकनीकी कारणों के चलते फिलहाल ट्राली नहीं लग पाई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही तकनीकी प्रक्रिया पूरी होगी, नई ट्राली लगाकर व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने जल्द समाधान की उठाई मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही ट्राली नहीं बदली गई तो क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्या और बढ़ सकती है, साथ ही किसी बड़े तकनीकी हादसे की आशंका भी बनी हुई है।




