जनपद में 1342 स्थानों पर जलेगी होलिका, वसंत ने बदली गांवों की फिजा
रिपोर्ट मनोज सिंह, चंदौली।राग, रंग, हंसी, खुशी और आपसी प्रेम-भाईचारे के प्रतीक रंगोत्सव की खुशियां अब परवान चढ़ने लगी हैं। होली को लेकर गांव से लेकर नगर तक उल्लास का माहौल है। बाजारों में रंग, अबीर, गुलाल, पिचकारियां, मुखौटे और होली से जुड़े विविध सामानों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को जिला मुख्यालय के साथ-साथ पीडीडीयु नगर और जनपद के अन्य कस्बा-बाजारों में खरीदारी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
देर शाम तक कपड़ों की दुकानों, मिठाई की दुकानों और सजावटी सामानों के प्रतिष्ठानों पर रौनक बनी रही। बच्चों में जहां रंगों और पिचकारियों को लेकर उत्साह दिखा, वहीं युवाओं ने भी होली के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
घर-घर पकवान बनाने की तैयारी

होली पर्व की खुशियां अब चंद घंटों की मेहमान हैं। इसके मद्देनजर घरों में तैयारियों का दौर तेज हो गया है। महिलाएं गुझिया, पापड़, नमकीन और अन्य पारंपरिक पकवान बनाने में जुटी हैं। बच्चों में रंग खेलने की मस्ती साफ झलक रही है। परंपरा के अनुसार सोमवार को होलिका दहन होगा और इसके अगले दिन बुधवार को रंगों की होली मनाई जाएगी।
होलिका दहन के बाद सूर्योदय के साथ ही रंगों की बौछार का सिलसिला शुरू हो जाएगा। लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं देंगे।
1342 स्थानों पर जलेगी होलिका
सदर कोतवाली सर्किल में कुल 81 स्थानों पर होलिका दहन होगा, जबकि पूरे जनपद में 1342 स्थानों पर यह परंपरा निभाई जाएगी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ग्रामीणों और नगरवासियों से अपील की गई है कि शांति व सौहार्द बनाए रखें।
सुरक्षित और सूखी होली का संदेश
बदलते परिवेश में सूखी होली खेलने का संदेश भी दिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और जल बचाव को ध्यान में रखते हुए लोगों से अपील है कि गीली होली के बजाय अबीर-गुलाल से पर्व मनाएं। इससे जहां पानी की बचत होगी, वहीं पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।
नई फसल का आगाज और वसंत की बयार
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि नई फसल के आगाज का भी प्रतीक है। ऋतुराज वसंत के आगमन से गांवों की फिजा बदल गई है। खेत-खलिहानों में लहलहाती सरसों, तीसी और गेहूं की बालियां मानो उत्सव का संदेश दे रही हैं। पलाश के खिले फूल और पेड़ों पर फूटी नई कोपलें प्रकृति की छटा को और भी मनमोहक बना रही हैं।
गांव की गलियों में फाग और पारंपरिक होली गीतों की गूंज सुनाई देने लगी है। नवविवाहिताएं भी पहली होली को लेकर उत्साहित नजर आ रही हैं। पूरा जनपद रंगोत्सव की उमंग में सराबोर है और हर ओर खुशियों का माहौल व्याप्त है।




