शासन ने पठन संस्कृति बढ़ाने के लिए जारी किए थे निर्देश,
शहाबगंज (चंदौली) शासन द्वारा विद्यार्थियों में पठन संस्कृति को सुदृढ़ करने तथा उन्हें देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में समाचार पत्रों के पठन-पाठन को अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया गया था। इस आदेश के तहत विद्यालयों में प्रतिदिन समाचार पत्र उपलब्ध कराने और छात्रों को निर्धारित समय पर उसे पढ़ने के लिए प्रेरित करने की व्यवस्था लागू करने की बात कही गई थी। शासन का मानना है कि समाचार पत्र पढ़ने से बच्चों का सामान्य ज्ञान बढ़ता है और उनमें अध्ययन के प्रति रुचि विकसित होती है।
क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में नहीं दिख रहा असर
हालांकि शासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद क्षेत्र के अधिकांश प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में इस आदेश का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। कई विद्यालयों में समाचार पत्र की व्यवस्था ही नहीं की गई है, जबकि कुछ स्थानों पर शिक्षक भी इस पहल को लेकर सक्रिय नहीं दिख रहे हैं। परिणामस्वरूप विद्यार्थियों को समाचार पत्र पढ़ने और समसामयिक विषयों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। इससे शासन की मंशा अधूरी रह जाती दिख रही है।
छात्रों के ज्ञानवर्धन के लिए महत्वपूर्ण पहल
शिक्षा विभाग का उद्देश्य था कि विद्यालयों में बच्चों को पुस्तकों के साथ-साथ समाचार पत्र पढ़ने की भी आदत डाली जाए, जिससे उनका बौद्धिक विकास हो सके। समाचार पत्रों के माध्यम से छात्र देश, प्रदेश और अपने आसपास की घटनाओं से परिचित होते हैं। इससे उनकी भाषा क्षमता और समझ भी बेहतर होती है। इसके साथ ही बच्चों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विषयों की प्रारंभिक जानकारी भी मिलती है, जो उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित होती है।
कई विद्यालयो को आदेश की जानकारी तक नहीं
जानकारी के अनुसार कई विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों को इस आदेश की पूरी जानकारी तक नहीं है। कहीं-कहीं आदेश मिलने के बावजूद इसे गंभीरता से लागू नहीं किया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी निगरानी और क्रियान्वयन की कमी के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते हैं।
6 जनवरी 2026 को बीएसए ने जारी किया था आदेश

6 जनवरी 2026 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश के अनुपालन कराने का निर्देश जारी किया था।
आदेश का अनुपालन न होने पर होगी कार्रवाई: खंड शिक्षा अधिकारी
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि पठन संस्कृति को सुदृढ़ करने और समाचार पत्रों के पठन-पाठन को अनिवार्य करने के लिए सभी विद्यालयों को पत्र जारी कर दिया गया है। इसके बावजूद यदि कहीं आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
स्थानीय अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि विद्यालयों में नियमित रूप से समाचार पत्र उपलब्ध कराए जाएं और बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए तो इससे उनकी सोच और समझ का दायरा बढ़ेगा। ऐसे में शिक्षा विभाग को इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।




