₹2000 ओटीएस के नाम पर कनेक्शन काटने का आरोप, ग्रामीण बोले– तार-पोल ले जाओ, अंधेरे में रह लेंगे

चकिया (चंदौली) ब्लॉक क्षेत्र के डूहीसूही गांव में शनिवार को बिजली विभाग की टीम पहुंची और बकाया बिल के नाम पर कई घरों की बिजली काटनी शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि कर्मचारियों ने कहा कि “₹2000 दो, तभी बिजली जोड़ी जाएगी, नहीं तो कनेक्शन नहीं लगेगा।”
इस पर सैकड़ों महिलाएं और पुरुष मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कहा कि वे रोज कमाने-खाने वाले लोग हैं, इतनी रकम एकमुश्त देना संभव नहीं है। उनका कहना था, “अगर पैसा नहीं दे पा रहे तो तार-पोल भी ले जाइए, हम अंधेरे में रह लेंगे।”

किसान सभा नेताओं का हस्तक्षेप
सूचना पर उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद एडवोकेट, लालमणि विश्वकर्मा, भृगुनाथ विश्वकर्मा और शिव मूरत राम मौके पर पहुंचे। उन्होंने विभागीय कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सौभाग्य योजना के तहत गरीबों को निशुल्क बिजली दी गई थी, ऐसे में ओटीएस के नाम पर ₹2000 की वसूली उचित नहीं है।
नेताओं ने शासन से मांग की कि गरीब परिवारों का बकाया माफ किया जाए और ओटीएस प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए।

बुधवार को एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि बुधवार को बड़ी संख्या में एसडीएम चकिया कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे और शासन तक अपनी मांग पहुंचाते हुए बकाया बिल व ओटीएस राशि माफ करने का ज्ञापन सौंपेंगे।

