सिंचाई विभाग पर किसानों का फूटा गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी,
रिपोर्ट मनोज सिंह, चंदौली। मुजफ्फरपुर बीयर से तेज़ी से छोड़े जा रहे पानी ने निचले इलाकों के किसानों पर कहर बरपा दिया है। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। हालात यह है कि सैकड़ों बीघा फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच चुकी है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही और बिना पूर्व सूचना के पानी छोड़े जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। किसान बलवंत, धनेश, कमलेश, दिनेश और पंकज ने बताया कि “पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फिर गया। यदि पहले सूचना मिल जाती तो किसी तरह फसल को बचाने का प्रयास करते। अब परिवार के भरण-पोषण की चिंता सता रही है।”
शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को फोन और लिखित शिकायत के माध्यम से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पानी का बहाव लगातार बना हुआ है, जिससे फसल सड़ने लगी है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल पानी का स्तर नियंत्रित नहीं किया गया और क्षतिपूर्ति की घोषणा नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही से नुकसान हुआ है, इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाए।
क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अब देखना यह है कि प्रशासन किसानों की पीड़ा पर कब संज्ञान लेकर राहत प्रदान करता है।

