कालाबाज़ारी का आरोप

इलिया (चंदौली)।
इन दिनों माल्दह मार्ग होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा पार कर बिहार में बड़े पैमाने पर यूरिया खाद की आपूर्ति किए जाने का मामला सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी प्रभावी जांच या रोकटोक के रोजाना खाद लदी ऑटो सीमा पार कर रही हैं, जिससे किसानों में रोष व्याप्त है।
सीमा के पास दिखीं खाद से लदी ऑटो
मामला बिहार के डीग्घी–बक्छरा गांव के समीप यूपी–बिहार सीमा का है, जहां टोटो पर भारी मात्रा में यूरिया खाद लदी देखी गईं। उपलब्ध तस्वीरों में साफ तौर पर ऑटो पर पीले रंग की यूरिया की बोरियां भरी नजर आ रही हैं, जो अवैध ढुलाई की ओर इशारा करती हैं।

किसानों को नहीं मिल रही खाद, बाहर भेजी जा रही खेप
क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि स्थानीय समितियों और बाजारों में यूरिया की किल्लत बनी हुई है। कई बार मांग के अनुरूप खाद नहीं मिल पाती, जबकि दूसरी ओर सैदूपुर–इलिया क्षेत्र से खुलेआम खाद बिहार भेजी जा रही है। किसानों का आरोप है कि इस अवैध आपूर्ति के पीछे कालाबाज़ारी और मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है।
प्रशासनिक निगरानी पर सवाल
सीमा मार्ग पर नियमित जांच और कृषि विभाग की निगरानी के दावे के बावजूद खाद की यह ढुलाई कैसे हो रही है, इसे लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो रबी सीजन में किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।

कार्रवाई की मांग
किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सीमा पर सघन चेकिंग कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और सुनिश्चित किया जाए कि क्षेत्र की खाद पहले स्थानीय किसानों को उपलब्ध हो। साथ ही, अवैध रूप से बाहर भेजी जा रही यूरिया पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत जब जिला कृषि अधिकारी विनोद यादव से संपर्क किया गया तो उनके मोबाइल पर इनकमिंग फैसिलिटी नॉट अवेलेबल सुनाई दिया।

