मातृभूमि सेवा ट्रस्ट की सेवा को डीआइजी ने सराहा
चंदौली एक्सप्रेस शहाबगंज (चंदौली)। कैंप सेमरा में शनिवार को मातृभूमि सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सेवा के तहत 51 हजार ऑपरेशन पूरे होने पर सेवा कार्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे वाराणसी परिक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक (डीआइजी) वैभव कृष्ण ने ट्रस्ट के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए इस तरह की सेवा का जितना सम्मान और प्रशंसा की जाए, वह कम है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आंखों की रोशनी लौटाने के लिए लगातार काम करना अपने आप में बड़ी सेवा है। ऐसे सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनके स्तर से अथवा पुलिस विभाग के स्तर से जो भी आवश्यक सहयोग संभव होगा, उसे उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जाएगा।
एसपी बोले, 2016 से जारी है निःशुल्क सेवा
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कहा कि चंदौली में आए उन्हें करीब तीन माह हुए हैं, लेकिन उन्हें पहले जानकारी नहीं थी कि जिले में कोई संस्था इतनी बड़ी संख्या में निःशुल्क नेत्र ऑपरेशन करा चुकी है। उन्होंने मातृभूमि सेवा ट्रस्ट और आरके नेत्रालय वाराणसी के चिकित्सक डॉ. आरके ओझा को इस सेवा के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से अब तक 51 हजार नेत्र ऑपरेशन निःशुल्क कराना निश्चित रूप से उल्लेखनीय कार्य है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों के लिए ऐसी चिकित्सा सेवा काफी महत्वपूर्ण है।
पूर्व डीआइजी की पहल से शुरू हुआ था प्रयास
पूर्व डीआइजी संतोष सिंह ने कहा कि जब वह चंदौली के पुलिस अधीक्षक थे, तब उन्हें ऐसे सामाजिक कार्य करने वाले लोगों की जानकारी हुई। उन्होंने तत्काल संस्था का पंजीकरण कराने की सलाह दी, जिसके बाद मातृभूमि सेवा समिति ट्रस्ट की स्थापना हुई। इसके बाद से वह लगातार ट्रस्ट के कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते रहे हैं।
मातृभूमि सेवा ट्रस्ट और आरके नेत्रालय की ओर से लंबे समय से चंदौली के ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किए जाते रहे हैं। शिविरों में दूर-दराज के ग्रामीणों की आंखों की जांच, ऑपरेशन के लिए मरीजों का चयन, दवा और चश्मे का वितरण जैसी सेवाएं भी की जाती रही हैं।
वर्षों से चल रहे इन शिविरों में आधुनिक फेको तकनीक से मोतियाबिंद के ऑपरेशन तथा फोल्डेबल लेंस प्रत्यारोपण की सुविधा दिया जाता रहा है।
सेवा का दायरा सिर्फ नेत्र चिकित्सा तक सीमित नहीं
मातृभूमि सेवा ट्रस्ट ने कोरोना काल में भी जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री और कुपोषित बच्चों के लिए पोषण सामग्री वितरण जैसे कार्य किए थे। पुराने समाचारों में ट्रस्ट की ओर से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता एवं सहायता के प्रयासों का भी उल्लेख मिलता है।
कार्यक्रम में एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर, डॉ. आरके ओझा, संयोजक संजय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सतीश शुक्ला, क्षेत्राधिकारी अजित सिंह चौहान, थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह,डॉ. प्रदीप चौरसिया, डॉ. गौतम त्रिपाठी,लल्लन सिंह, अरविंद मिश्रा,सुभाष सिंह,रिंकू विश्वकर्मा,आफताब अली,मंगला पाठक, सुभाष विश्वकर्मा, सत्यानंद रस्तोगी, सुमंत, राधेश्याम,इसरार अली,तसलीम, धर्मेन्द्र साहनी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
51 हजार ऑपरेशन का आंकड़ा केवल संख्या नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की आंखों की रोशनी से जुड़ी सेवा का प्रमाण है, जिन्हें आर्थिक कठिनाइयों के कारण बेहतर नेत्र उपचार हासिल करना मुश्किल होता।




