कुष्ठ मुक्त भारत / जागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों ने ली संवेदनशील व्यवहार की प्रतिज्ञा

शहाबगंज (चंदौली)।
कुष्ठ मुक्त भारत / जागरूकता अभियान के अंतर्गत शहाबगंज स्थित शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य कर्मियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भेदभाव समाप्त करने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने तथा उन्हें सम्मानजनक एवं संवेदनशील वातावरण प्रदान करने का संकल्प लिया।
कुष्ठ रोगियों के प्रति सहयोग का संदेश
शपथ कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कुष्ठ एक इलाज योग्य बीमारी है और समय पर जांच व नियमित उपचार से रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि समाज में फैली भ्रांतियों और कलंक को समाप्त किया जाए, ताकि मरीज बिना संकोच उपचार करा सकें।

स्वस्थ समाज की दिशा में पहल
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि कुष्ठ उन्मूलन एवं जागरूकता केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। शपथ के माध्यम से सभी ने “भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें” के संदेश को आत्मसात करने की बात कही।
शपथ कार्यक्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डा. निलेश मालवीय, डा. आर. एस. राम, डा. मनीष द्विवेदी, एआरओ रोशन पटेल, फार्मासिस्ट श्रवण कुमार, एएनएम रंजना राय, आकांक्षा देवी, विनय कुमार, मुकेश कुमार, हरिद्वार सहित स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

