गो-तस्करी व संगठित अपराध के नेटवर्क पर प्रहार, चंदौली और गाजीपुर के है तस्कर
चंदौली। संगठित अपराध और गो-तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 54 वांछित अपराधियों पर ₹50,₹50, हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। इन सभी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं और ये लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस का कहना है कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए परिक्षेत्र स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है तथा सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।
घोषित सूची में शामिल 54 वांछितों में से अधिकांश मामले जनपद चंदौली से सभी
वांछित चल रहे हैं। पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपितों ने संगठित गिरोह बनाकर गो-तस्करी, अवैध परिवहन, पशु क्रूरता, अवैध वध तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।
अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि इन गिरोहों का नेटवर्क केवल पूर्वांचल तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश की सीमाओं से लगे बिहार, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था। कई आरोपी विभिन्न राज्यों में छिपकर फरारी काट रहे हैं।
सूची में शामिल कुछ आरोपित बिहार के
कैमूर (भभुआ), गया और औरंगाबाद जिलों के निवासी हैं, जबकि कुछ हरियाणा के गुरुग्राम, करनाल और फरीदाबाद से संबंधित हैं। इसी प्रकार सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, जौनपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, आजमगढ़ और वाराणसी जनपदों के निवासी भी इस सूची में शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरोह के सदस्य संगठित तरीके से पशुओं की खरीद-फरोख्त कर उन्हें अवैध रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों से पार कराते थे। कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
चंदौली में विशेष सख्ती
चंदौली जिला बिहार सीमा से सटे होने के कारण लंबे समय से गो-तस्करी के लिए संवेदनशील माने जाते रहे हैं। पुलिस ने बताया कि सीमा क्षेत्रों में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
चंदौली में थाना अलीनगर, सकलडीहा, कंदवा, शहाबगंज इलिया और मुगलसराय क्षेत्र में पूर्व में दर्ज मामलों के आधार पर इन अपराधियों की तलाश जारी है। वहीं गाजीपुर के भांवरकोल, सैदपुर और नंदगंज थाना क्षेत्रों से जुड़े आरोपित भी सूची में शामिल हैं।

गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई तब की जाती है जब कोई अपराधी संगठित गिरोह बनाकर बार-बार गंभीर अपराधों को अंजाम देता है। इस कानून के तहत आरोपित की संपत्ति कुर्क करने, बैंक खातों की जांच और गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन वांछित अपराधियों पर पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरोहबंद अपराध की पुष्टि होने के बाद ही गैंगेस्टर एक्ट लगाया गया। इसके बावजूद लंबे समय से गिरफ्तारी न होने पर इनाम घोषित किया गया है, ताकि आमजन की मदद से इन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जा सके।
सूचना देने वालों की गोपनीयता सुरक्षित
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को भी इन वांछित अपराधियों के संबंध में कोई जानकारी हो तो वह पुलिस अधिकारियों के सीयूजी नंबर या पुलिस व्हाट्सएप बॉट 7839860411 पर सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इनाम की राशि गिरफ्तारी या सटीक सूचना देने वाले को नियमानुसार प्रदान की जाएगी।
संयुक्त अभियान और दबिश
चंदौली अंतर्गत आने वाले जिलों की पुलिस टीमों द्वारा संयुक्त रूप से संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। सीमावर्ती चेकपोस्टों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही, तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और खुफिया नेटवर्क को भी सक्रिय किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ आरोपियों के मोबाइल नंबर और बैंक लेनदेन की निगरानी की जा रही है। जिन आरोपियों की संपत्ति का विवरण उपलब्ध है, उनके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई भी प्रस्तावित है।
सामाजिक प्रभाव और संदेश
पूर्वांचल में गो-तस्करी और अवैध पशु परिवहन को लेकर कई बार सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न होती रही है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संगठित अपराध पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्रोतों को भी बंद करना आवश्यक है। गैंगेस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई इसी दिशा में प्रभावी साबित हो सकती है।
आगे की रणनीति
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित किया गया है। संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क कर सूचना साझा की जा रही है। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और प्रमुख हाईवे पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि यदि आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
वाराणसी परिक्षेत्र में 54 वांछित अपराधियों पर इनाम घोषित करना पूर्वांचल में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
चंदौली और गाजीपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में यह कदम
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर संगठित अपराध को पनपने नहीं दिया जाएगा। आमजन की सहभागिता से ही ऐसे अभियानों को सफलता मिल सकती है।

