गुरु गोविंद सिंह का 356 वां प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया
नगर में रथ पर निकाली गई श्री गुरु ग्रंथ साहेब की भव्य शोभायात्रा,
रिपोर्ट मनोज सिंह, चंदौली : सिखों के दसवें गुरु गोविंद के 359 वें प्रकाशोत्सव पर रविवार को चकिया नगर का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। सत श्री अकाल,जो बोल सो निहाल की गूंज से नगर में गुंजायमान हो गया।
पिछले तीन दिनों से चल रहे गुरु ग्रंथ पाठ, सबद-कीर्तन के बाद नगर स्थित गुरुद्वारा प्रांगण से निकली शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में सिख श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा में आगे-आगे पंच प्यारे चल रहे थे। शोभा यात्रा में बच्चे सहित युवा करतब दिखाते हुए चल रहे थे। गुरुवाणी का पाठ करते हुए ग्रंथी ने कहा ईश्वर से मिलन का सबसे सुगम मार्ग ध्यान है। हर व्यक्ति को भजन, कीर्तन के साथ ही ध्यान करके परमपिता से आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। कहा खालसा पंथ की स्थापना के बाद से समाज में एकता बनाए रखने का कार्य तेजी से किया गया। सामाजिक असमानता व भेदभाव को दूर करने का भी प्रयास हुआ। इसका परिणाम यह हुआ कि भारत एक मजबूत धार्मिक, सांस्कृतिक व पारंपरिक देश के रूप में अपनी अलख दुनिया में जगा रहा है। पूरे दिन चले अखंड पाठ साहिब में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

नगर में निकाली श्री गुरु ग्रंथ साहेब की भव्य शोभायात्रा में शामिल रथ को खालसा अनुयायियों ने भव्य ढंग से सजाया। रथ के जाने वाले मार्ग की किशोरियों ने सफाई की। महिलाएं व युवा पूरे उत्साह के साथ रथ के आगे चल रहे थे। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।शोभा यात्रा में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार करन सिंह सभरवाल , सरदार महेंद्र दुआ सिंह खन्ना,सिंह सरदार गौतम सिंह, सरदार सुमन्त सिंह, सरदार मुन्ना सिंह, सरदार रंजीत सिंह,रमेश सिंह आदि लोग शामिल थे।

