मिलेट्स, सोलर सिंचाई और उन्नत बीजों पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन,
रिपोर्ट मनोज सिंह, चंदौली। कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में गुरुवार को मिलेट्स रेसिपी विकास उपभोक्ता जागरूकता/राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना के तहत जनपद स्तरीय किसान मेला एवं आत्मा कृषक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और श्रीअन्न (मिलेट्स) की उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रतन वर्मा (अपर जिलाधिकारी न्यायिक) ने परिसर में लगे विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया और किसानों से संवाद कर योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
मिलेट्स उत्पादन तकनीक पर जोर
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अभय दीप गौतम ने मिलेट्स फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक एवं उनके पोषण संबंधी लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खेती अब केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं रह गई है, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।
डॉ. विशाल दीक्षित ने मानव जीवन में बढ़ रही बीमारियों से बचाव के लिए श्रीअन्न से जुड़ी फसलें—ज्वार, बाजरा, सावां, कोदों, कुटकी आदि—के औषधीय गुणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मोटे अनाज पोषण से भरपूर होते हैं और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
जायद मक्का व तिलहनी फसलों की जानकारी
प्रगतिशील किसान रमेश सिंह ने जायद मक्का उत्पादन एवं तिलहनी फसलों की आधुनिक खेती के विषय में अपने अनुभव साझा किए। वहीं कृषि विभाग के मान सिंह ने कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने तथा सिंचाई की समस्या से निजात पाने के लिए सोलर सिंचाई पम्प लगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, प्रतिनिधि जिला उद्यान अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष, कृषि विभाग के कर्मचारी तथा प्रगतिशील कृषक दीनानाथ श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

