बच्चे ने रास्ते में रोका, लोअर में पैसे होने का दावा; जाति-नाम पर उलझे गुरुजी, गिड़गिड़ाने के बाद बची इज्जत
इलिया : चंदौली जनपद के शहाबगंज विकास खण्ड अंतर्गत खखड़ा पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात एक प्रधानाध्यापक का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
वीडियो सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया है और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्राउंड से लाइव जैसा दृश्य—बच्चे ने रास्ते में रोका
वायरल वीडियो में कथित रूप से प्रधानाध्यापक साइकिल से जाते दिखाई देते हैं। तभी ग्राउंड पर दौड़ की तैयारी कर रहे बच्चों का लोअर लेकर जाते हुए उन्हें एक बच्चा रास्ते में ही रोक लेता है।मौके पर मौजूद एक लड़का वीडियो में लगातार सवाल-जवाब करता नजर आता है, जिससे पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो जाता है।
इसी दौरान एक बच्चा अपना लोअर वापस मांगते हुए कहता है कि उस लोअर में पैसे भी रखे हुए थे।
मोबाइल छीना, 112 कॉल की चेतावनी—फिर पलटा माहौल
वीडियो में स्थिति उस समय और गंभीर हो जाती है जब सवाल-जवाब के दौरान लड़का प्रधानाध्यापक का मोबाइल अपने कब्जे में ले लेता है और 112 पर कॉल करने की बात करता है। हालांकि, कुछ ही पलों बाद हालात बदलते नजर आते हैं—बताया जा रहा है कि प्रधानाध्यापक के गिड़गिड़ाने के बाद बच्चा उनका मोबाइल वापस कर देता है
जाति पर सवाल, जवाब में नया मोड़
वीडियो में लड़का सवाल करता है— “आप किस जाति से हैं, पंडी जी हैं?”
जिस पर संबंधित व्यक्ति जवाब देते हैं— “नहीं, हम यादव जी हैं।”
जब घर के बारे में पूछा जाता है तो वे कहते हैं— “घर से क्या मतलब है?”
और इसके तुरंत बाद साइकिल बढ़ाते हुए खेत के मेढ़ के रास्ते से निकलते/भागते नजर आते हैं, जो पूरे मामले को और संदिग्ध बना देता है।
नाम पर बड़ा विरोधाभास—कौन हैं असली ‘गुरुजी’?
जहां वीडियो में वे खुद को “यादव” बता रहे हैं, वहीं स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि उनका नाम अशोक वर्मा है।
इस विरोधाभास ने पूरे मामले को और भी उलझा दिया है।
आरएसएस वेशभूषा कनेक्शन की भी चर्चा
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति को पहले “आरएसएस की वेशभूषा” में भी देखा गया है।
हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन इससे इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है
पुराना रिकॉर्ड भी सवालों में (2021-22 का मामला)
ग्रामीणों के मुताबिक यह कोई पहला विवाद नहीं है। आरोप है कि सन 2021-22 में कम्पोजिट विद्यालय कौड़िहार में तैनाती के दौरान भी उक्त प्रधानाध्यापक को छुट्टी के बाद विद्यालय का सामान घर ले जाते हुए गाँव वालों ने पकड़ा था। काफी ज्यादा विवाद होने के कारण बाद में उनका स्थानांतरण कर खखड़ा विद्यालय में तैनाती दी गई थी।
गांव में उबाल—कार्रवाई की मांग तेज
वीडियो वायरल होने के बाद गांव में जबरदस्त आक्रोश है।
स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चन्दौली एक्सप्रेस की अपील
वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों, व्यक्ति की पहचान एवं अन्य दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
चंदौली में हेडमास्टर का वीडियो वायरल।
आरोप है कि बच्चों का लोअर लेकर जा रहे थे, बच्चे ने रास्ते में रोक लिया।
लोअर में पैसे होने का दावा, मोबाइल लेकर 112 कॉल की बात भी हुई।




