आंधी-पानी के बीच किसानों की चौपाल, सरकार की नीतियों पर उठे सवाल
चंदौली : किसान विकास मंच के तत्वावधान में बरहनी ब्लॉक अंतर्गत अदसड़ गांव में आंधी-पानी भरे मौसम के बीच किसान चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों ने खेती-किसानी की उपेक्षा को लेकर सरकार के खिलाफ गंभीर चर्चा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ता विद्याभूषण राय ने कहा कि सरकार बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दबाव में काम कर रही है और खेती-किसानी पर उनका नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बिजली के निजीकरण को इसका प्रमुख उदाहरण बताया।

किसान विकास मंच के नेता राजेश पांडेय ने कहा कि गेहूं का बाजार मूल्य काफी कम है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक न्याय पंचायत में कम से कम तीन गेहूं खरीद केंद्र खोले जाएं, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
वहीं वरिष्ठ नेता जमुना सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के चलते किसान और आमजन संकट में हैं। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने कहा कि देश के किसान, मजदूर और नौजवान ही ऐसी परिस्थितियों का मुकाबला कर सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जमुना सिंह ने की, जबकि संचालन राम अवध सिंह ने किया। इस मौके पर सुजीत कुमार सिंह सोनू, अरुण सिंह, रणविजय सिंह, हरिनारायण गुप्ता, सतीश गुप्ता, इकराम अली, बिमल सिंह, सत्यम सिंह, अनिल पांडेय, कामेश्वर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जन चौपाल में विचार व्यक्त करते किसान नेता




