पूर्व विधायक समेत गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुआ मृत्युंजय महादेव मंदिर का शुभारंभ
इलिया (चंदौली)
मृत्युंजय पांडेय संस्कृत महाविद्यालय परिसर में बुधवार को अत्यंत श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ मृत्युंजय महादेव मंदिर के शिलान्यास समारोह का आयोजन संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन एवं शिलान्यास की विधि विधिवत पूरी की गई। कार्यक्रम का संचालन प्रतिष्ठित आचार्य पंडित रमेश तिवारी के पांडित्य कर्म के तहत सम्पन्न हुआ, जिनके मंत्रोच्चार और विधि-विधान ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

शिलान्यास कार्यक्रम प्रातः काल से ही शुरू हो गया था, जहां यजमानों द्वारा विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया गया। वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार भूमि पूजन, गणेश पूजन, नवग्रह पूजन और हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। मंत्रों की गूंज और हवन की पवित्र अग्नि ने वातावरण को पूर्णतः दिव्य बना दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के साथ अपनी आस्था प्रकट की। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान प्रमुख रूप से शामिल थे। उन्होंने इस धार्मिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं होता, बल्कि यह समाज को जोड़ने और संस्कारों को सुदृढ़ करने का केंद्र भी होता है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में राधेश्याम द्विवेदी, विद्याधर पांडेय, प्रबंधक चंद्रशेखर पांडेय, राम प्रकाश यादव, अरविंद मौर्य, अस्पताली सिंह, राजन सिंह, मनोहर, प्रेम नारायण गुप्ता, आशुतोष मिश्रा, मोहन पांडेय और शाहिद गाना सहित अनेक सम्मानित लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस पुण्य कार्य में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और मंदिर निर्माण के लिए शुभकामनाएं दीं।
महाविद्यालय परिसर में मंदिर निर्माण की इस पहल को स्थानीय लोगों ने एक ऐतिहासिक कदम बताया। लोगों का कहना है कि इस मंदिर के बनने से न केवल विद्यार्थियों को आध्यात्मिक वातावरण मिलेगा, बल्कि आसपास के ग्रामीणों को भी पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों के लिए एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा। इससे सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूती मिलेगी।
समारोह के दौरान आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान किया गया। साथ ही प्रसाद वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था और सहयोग से ही संभव हो पाया है और भविष्य में भी इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा रहेगी।
कुल मिलाकर, मृत्युंजय महादेव मंदिर का यह शिलान्यास समारोह आस्था, एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बनकर सामने आया। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। आने वाले समय में यह मंदिर निश्चित ही क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनेगा।




