स्मार्ट डस्टबिन से लेकर ‘एक छात्र-एक पेड़’ तक की पहल ने दिलाया सम्मान, शिक्षकों ने विद्यालय पहुंचकर बढ़ाया हौसला
चन्दौली एक्सप्रेस | शहाबगंज।
शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और बालिकाओं में स्वास्थ्य जागरूकता को जोड़कर विद्यालय में लगातार नवाचार करने वाली पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका उषा सिंह को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित किए जाने के बाद शिक्षक एवं शिक्षामित्र पदाधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। उनकी उपलब्धि से विकासखंड शहाबगंज के शिक्षक परिवार में खुशी का माहौल है।
उषा सिंह की पहचान महज एक शिक्षिका के रूप में नहीं, बल्कि नवाचार के जरिए बच्चों को सीखने का नया माहौल देने वाली शिक्षिका के रूप में बनी है। विद्यालय में उन्होंने स्मार्ट डस्टबिन, ‘एक छात्र-एक पेड़’, स्वच्छता अभियान और सेनेटरी पैड के उपयोग को लेकर जागरूकता जैसे कई प्रयासों को शिक्षा का हिस्सा बनाया। इन पहलों के जरिए बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को व्यवहार में उतारने की कोशिश की गई।
27 वर्षों की सेवा में नवाचारों को बनाया पहचान
वर्ष 1999 में बेसिक शिक्षा विभाग में सेवा शुरू करने वाली उषा सिंह की पहली तैनाती प्राथमिक विद्यालय सैदपुर में हुई थी। लंबे समय तक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षण कार्य करने के बाद पदोन्नति पर वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर में सहायक अध्यापक बनीं। वर्तमान में वह इसी विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका का दायित्व संभाल रही हैं।
लगभग 27 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने शिक्षण कार्य के साथ विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में भी लगातार नए प्रयोग किए। उनका प्रयास रहा कि कठिन अवधारणाओं को बच्चों के अनुभवों से जोड़कर सरल और रोचक तरीके से समझाया जाए। मॉडल, चित्र, प्रयोग और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में विषय के प्रति रुचि पैदा करने पर विशेष जोर दिया गया।

पर्यावरण और स्वच्छता को बनाया शिक्षा का हिस्सा
उषा सिंह ने विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उसे बच्चों की दिनचर्या और व्यवहार से जोड़ने का प्रयास किया। पौधारोपण को बढ़ावा देने के साथ बच्चों में पेड़-पौधों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की गई। वहीं स्मार्ट डस्टबिन जैसी पहल के माध्यम से स्वच्छता को लेकर बच्चों को जागरूक किया गया।
बालिकाओं के बीच सेनेटरी पैड के उपयोग और स्वच्छता संबंधी जागरूकता को भी उन्होंने शिक्षण गतिविधियों का हिस्सा बनाया। इस तरह शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण जैसे विषयों को जोड़ने की उनकी पहल को व्यापक सराहना मिली।
शिक्षकों ने कहा—उपलब्धि पूरे शहाबगंज के लिए गौरव
राज्य पुरस्कार के लिए चयनित होने पर शिक्षक एवं शिक्षामित्र पदाधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर उषा सिंह को पुष्पगुच्छ भेंट किया और शुभकामनाएं दीं। पदाधिकारियों ने कहा कि यह सम्मान केवल एक शिक्षिका की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे विकासखंड शहाबगंज के शिक्षक एवं शिक्षामित्र परिवार के लिए गर्व का विषय है।
इस अवसर पर भूपेंद्र कुमार सिंह मंडल अध्यक्ष वाराणसी, मनोज तिवारी ब्लॉक अध्यक्ष शहाबगंज, सैयद यूनुस ब्लॉक प्रवक्ता शहाबगंज, बृजमोहन सिंह ब्लॉक महामंत्री शहाबगंज, दीनदयाल सिंह जिला महामंत्री एस-3, ओमप्रकाश सिंह जिला उपाध्यक्ष, महेंद्र कुमार सिंह, सदानंद दुबे ब्लॉक अध्यक्ष चकिया, राजेश यादव ब्लॉक अध्यक्ष शहाबगंज, वरिष्ठ शिक्षक प्रतिनिधि इमरान अली, अतुल श्रीवास्तव, रामाश्रय प्रसाद, नरेंद्र यादव, महेंद्र मौर्य, जितेंद्र तिवारी, दिनेश मौर्य, राजेंद्र सोनकर, गंगाधर गोपाल, ओम प्रकाश मौर्य, चंद्रप्रकाश गांधी एवं जयप्रकाश भारती सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षक पदाधिकारियों ने कहा कि उषा सिंह की यह उपलब्धि उन शिक्षकों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच भी अपने नवाचार और समर्पण से बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटे हैं। उन्होंने उषा सिंह को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वह आगे भी इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग करती रहेंगी।




