जर्जर सड़क पर जलभराव और कीचड़ से ग्रामीण परेशान, प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित; समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
इलिया चंदौली ।
क्षेत्र के मनकपड़ा गांव में जर्जर सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। लंबे समय से बदहाल सड़क की समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के बीच धान के पौधों की रोपाई कर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित किया। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि मनकपड़ा गांव की दलित बस्ती की सड़क काफी समय से जर्जर हालत में है। सड़क जगह-जगह टूट चुकी है और बारिश के दिनों में इसकी स्थिति और भी खराब हो जाती है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नाली का पानी सड़क पर बहता रहता है। बारिश का पानी और नाली का गंदा पानी सड़क पर जमा होने से पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। ऐसे में ग्रामीणों को पैदल चलने के साथ ही दोपहिया और अन्य वाहनों से आवागमन करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि इसी रास्ते पर प्राथमिक विद्यालय भी स्थित है। सड़क पर लगातार पानी और कीचड़ जमा रहने से विद्यालय आने-जाने वाले छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से गुजरते समय फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं। कपड़े और किताब-कॉपियां भी गंदी हो जाती हैं।
भारी बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार रास्ते पर इतना अधिक पानी और कीचड़ जमा हो जाता है कि बच्चे विद्यालय तक पहुंचने के बजाय रास्ते से ही वापस घर लौट जाते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत और निर्माण कराने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से शिकायत और मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। हर बारिश में ग्रामीणों को इसी परेशानी से दो-चार होना पड़ता है। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने के कारण ग्रामीणों में जिम्मेदार विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सोमवार को ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़क पर जमा कीचड़ में ही धान के पौधों की रोपाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि जिस सड़क पर लोगों और स्कूली बच्चों को चलना चाहिए, वहां जलभराव के कारण धान की रोपाई करने की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदर्शन के माध्यम से ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि समस्या अब केवल आवागमन की नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की सुरक्षा से भी जुड़ गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के साथ ही जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि बारिश के दौरान सड़क पर पानी और कीचड़ जमा न हो। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह शांतिपूर्ण विरोध को आगे बढ़ाते हुए बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
विरोध प्रदर्शन में धीरेंद्र कुमार, दरोगा, श्याम नारायण, रमेश प्रसाद, आशा देवी, सीमा देवी, दीपावली, हौसला देवी और गीत देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।



