टेट अनिवार्यता वापस लेने और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने उठाई आवाज
चन्दौली एक्सप्रेस चकिया। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ चकिया के आह्वान पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर सरकार की नीतियों के प्रति नाराजगी जताई और टेट (TET) परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई।
शिक्षकों का कहना था कि शिक्षक समाज लगातार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके बावजूद वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर टेट परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक नियुक्ति के समय निर्धारित सभी मानकों को पूरा कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में नई अनिवार्यता शिक्षकों के हितों के विपरीत है।
इस दौरान उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ चकिया के ब्लॉक अध्यक्ष सदानंद दुबे ने कहा कि सरकार द्वारा सभी शिक्षकों पर टेट परीक्षा लागू किया जाना गलत और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं, इसलिए उनके साथ न्याय किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षकों की सिर्फ मांग नहीं बल्कि उनके भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी जरूरत है। लंबे समय तक सेवा देने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को पुरानी पेंशन व्यवस्था को सभी कर्मचारियों के लिए लागू करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक दिवस के दिन शिक्षक समाज अपनी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहा है, ताकि उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सके।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। शिक्षकों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
इस अवसर पर जयप्रकाश भारती, राजीव पटेल, राम नारायण पटेल, संजीव तिवारी, अनुपमा सिंह, उषा श्रीवास्तव, कनकलता, किरण कुशवाहा, ज्योति मिश्रा, दीपक द्विवेदी, रीता पांडेय, इमरान अली, विवेक सिंह, सेराज अहमद साजिद, राधेश्याम सोनकर, श्रेया चौहान, प्रमोद चौहान, सोनम चौहान, काशीनाथ, सतीश कुमार, ओमप्रकाश मौर्य, राजकुमार सिंह, सुरेश गुप्ता, तौसीफ खान, नरेंद्र यादव, गंगाधर गोपाल, राजेंद्र सोनकर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।




