संत कबीर विद्यालय के 82 छात्र-छात्राएं शैक्षिक भ्रमण पर बोधगया व पटना रवाना, इलिया पुलिस ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
चन्दौली एक्सप्रेस इलिया। संत कबीर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इलिया के छात्र-छात्राओं के लिए शनिवार का दिन उत्साह और सीख से भरा रहा। विद्यालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय शैक्षिक भ्रमण के तहत 82 विद्यार्थी और 10 शिक्षक बोधगया एवं पटना के लिए रवाना हुए। इलिया पुलिस ने हरी झंडी दिखाकर भ्रमण दल की बसों को रवाना किया। बसों के रवाना होते ही विद्यार्थियों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।
विद्यालय से सुबह करीब 6 बजे शैक्षिक भ्रमण दल ने बोधगया के लिए प्रस्थान किया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों तक सीमित ज्ञान के बजाय देश की ऐतिहासिक विरासत, बौद्ध संस्कृति, धार्मिक स्थलों, विज्ञान, कला और संग्रहालयों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर उपलब्ध कराना है।
बोधगया में इतिहास और बौद्ध संस्कृति को जानेंगे विद्यार्थी
भ्रमण के पहले चरण में विद्यार्थी बोधगया के प्रमुख स्थलों का भ्रमण करेंगे। इसमें महाबोधि मंदिर एवं बोधिवृक्ष, 80 फीट बुद्ध प्रतिमा, सुजाता स्तूप, मुचलिंद सरोवर, तिब्बती मंदिर, रॉयल भूटान मठ समेत अन्य प्रमुख बौद्ध स्थलों को शामिल किया गया है। इन स्थानों के माध्यम से विद्यार्थियों को भगवान बुद्ध के जीवन, बौद्ध दर्शन तथा बोधगया के ऐतिहासिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
इसके बाद भ्रमण दल पटना पहुंचेगा। विद्यार्थियों को वहां पटना तारामंडल, संजय गांधी जैविक उद्यान, गोलघर, बिहार संग्रहालय, पटना संग्रहालय, गांधी संग्रहालय और बुद्ध स्मृति पार्क सहित प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान, पर्यावरण, इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और भारतीय संस्कृति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रत्यक्ष रूप से हासिल होंगी।
धर्मशाला में रात्रि विश्राम, शिक्षकों की निगरानी में रहेगा दल
शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था धर्मशाला में की गई है। विद्यालय प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों की सुविधा, अनुशासन और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। भ्रमण दल में शामिल 10 शिक्षक पूरे समय विद्यार्थियों के साथ रहेंगे और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखेंगे।
विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को यात्रा के दौरान समूह से अलग न होने, शिक्षकों एवं भ्रमण प्रभारियों के निर्देशों का पालन करने, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी गई है।
सिर्फ घूमना नहीं, सीखने का अवसर है भ्रमण
शैक्षिक भ्रमण को लेकर विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि जब विद्यार्थी किसी ऐतिहासिक या वैज्ञानिक स्थल को स्वयं अपनी आंखों से देखते हैं तो विषय से जुड़ी जानकारी उनके लिए अधिक रोचक और लंबे समय तक याद रहने वाली बनती है। बोधगया और पटना की यात्रा विद्यार्थियों को इतिहास, धर्म, संस्कृति, विज्ञान और विरासत को एक साथ समझने का अवसर देगी।
विद्यालय से रवाना होते समय पुलिस की मौजूदगी और हरी झंडी दिखाए जाने से विद्यार्थियों में विशेष उत्साह नजर आया। छात्र-छात्राओं ने इस यात्रा को लेकर खुशी जाहिर की और बताया कि किताबों में पढ़े गए कई ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण स्थलों को पहली बार प्रत्यक्ष रूप से देखने का उन्हें अवसर मिलेगा।
विद्यालय के इस शैक्षिक प्रयास से जहां विद्यार्थियों को नई जगहों और नई जानकारियों से परिचित होने का मौका मिलेगा, वहीं यह यात्रा उनके अनुभव, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भ्रमण दल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 13 सितंबर को पटना से वापस लौटेगा।




