वनों और जैव विविधता के संरक्षण पर दिया जोर, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक
रिपोर्ट मोहन पाण्डेय
चकिया, चंदौली। राजदरी–देवदरी इको पर्यटन स्थल पर सोमवार को काशी वन्यजीव प्रभाग के चंद्रप्रभा रेंज की ओर से पारिस्थितिकीय पर्यावरण संरक्षण एवं जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा तथा प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पर्यावरण संरक्षण के लिए विद्यार्थियों और ग्रामीणों को किया जागरूक
चंद्रप्रभा रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी अखिलेश कुमार दुबे के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय जमसोती के शिक्षक, छात्र-छात्राएं, स्थानीय ग्रामीण और वन विभाग के कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वनों की सुरक्षा, जैव विविधता के संरक्षण तथा इको पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि पेड़-पौधे और वन्यजीव प्रकृति के अभिन्न अंग हैं। इनके संरक्षण से ही पर्यावरण का संतुलन बनाए रखा जा सकता है। साथ ही लोगों को प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक एवं अन्य कचरा नहीं फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य : अखिलेश कुमार दुबे
क्षेत्रीय वनाधिकारी अखिलेश कुमार दुबे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करके ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने ग्रामीणों, विद्यार्थियों और पर्यटकों से अपील की कि वे वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें। पर्यटन स्थलों पर प्लास्टिक और कचरा फैलाने से बचें तथा प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
इको पर्यटन स्थलों की स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और पर्यटकों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा राजदरी–देवदरी जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के संरक्षण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर वन दरोगा रिशु चौबे सहित वन विभाग के तमाम कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। सभी को पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।




