राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की निंदा, किसानों ने एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का लिया संकल्प
शहाबगंज (चंदौली): क्षेत्र के भोड़सर गांव में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन समर्थित किसानों का बड़ा जमावड़ा जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान के आवास पर आयोजित हुआ। बैठक में आसपास के कई गांवों से पहुंचे किसानों ने भाग लिया और वर्तमान परिस्थितियों को लेकर गंभीर मंथन किया। इस दौरान किसानों ने एकजुटता पर जोर देते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने उड़ीसा में किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र का सीधा हनन बताया। उन्होंने कहा कि एक बड़े किसान नेता की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि सरकार किसानों की आवाज से डर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि देश का किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रही है। राकेश टिकैत की गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे किसान आंदोलन को दबाने की कोशिश है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सतीश सिंह चौहान ने किसानों से आह्वान किया कि अब समय आ गया है कि वे और अधिक संगठित हों। यदि समय रहते एकजुटता नहीं दिखाई गई, तो आने वाले दिनों में किसानों की समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं। उन्होंने सभी किसानों से आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की अपील की।
बैठक में आगामी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। किसानों ने निर्णय लिया कि यदि सरकार द्वारा इस तरह की कार्रवाई जारी रहती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाने की योजना बनाई गई।
अन्य किसानों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव-गांव में संगठन को मजबूत करना समय की मांग है, ताकि किसी भी अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई जा सके। किसानों ने भरोसा दिलाया कि वे हर परिस्थिति में अपने नेताओं के साथ खड़े रहेंगे।
अंत में जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने सभी किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की बैठकें किसानों के हौसले को मजबूत करती हैं और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय किसान यूनियन किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।
इस दौरान प्रमोद चौहान, प्रभाकर मौर्या, जियूत मौर्या, डॉ. राजीव मौर्या, आनंद मौर्या, कृपाशंकर पटेल, विनोद चौहान, मो. अलाउद्दीन, सत्येंद्र मौर्या, मुकुल मौर्या, महमूद, सद्दाम, फूलचंद, प्रेमचंद, बद्री प्रसाद, रामचंद्र यादव, महेंद्र चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।




