संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना, आठ सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन; 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
चंदौली। लंबित मांगों के समाधान को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील चकिया इकाई ने शनिवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलन के पहले दिन लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक धरना दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपने का कार्यक्रम है।
लेखपाल संघ ने वेतन विसंगति दूर करने, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति, भत्ता बढ़ाने, पटल सहायक/प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से मुक्ति, लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने, ग्राम सचिवालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नवनियुक्त लेखपालों के विभागीय परीक्षा परिणाम और स्थायीकरण समेत आठ प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है।
10 साल से वेतन विसंगति, वर्षों से तबादले और पदोन्नति का इंतजार
संघ का कहना है कि लेखपालों के प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड-पे और वेतन विसंगति का मुद्दा लंबे समय से लंबित है। अंतरमंडलीय स्थानांतरण भी करीब आठ वर्षों से नहीं होने तथा चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति प्रक्रिया लंबित होने का मुद्दा उठाया गया है। इसके अलावा भत्तों में बढ़ोतरी की मांग भी की गई है।
लेखपालों का कहना है कि राजस्व विभाग के कार्यों के साथ लगातार ऑनलाइन और तकनीकी जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में उन्हें आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है।
गांव-गांव काम, लेकिन सुविधाओं की कमी का सवाल
ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए पृथक कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, फर्नीचर और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई है। लेखपाल संघ ने बढ़ते ऑनलाइन कार्यों को देखते हुए लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने तथा लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की मांग भी रखी है।
वहीं, परिषदादेश के बावजूद लेखपालों से पटल सहायक अथवा प्रभारी राजस्व निरीक्षक का कार्य लिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। संघ ने शासन स्तर से इस व्यवस्था में आवश्यक सुधार की मांग की है।
आंदोलन के अगले चरण में 8 अक्टूबर को ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। इसके तहत आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, वरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्रेशन और सत्यापन जैसे कार्यों से दूरी बनाई जाएगी।
इसके बाद 10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर थाना दिवस पर कार्य, 12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर और 14 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
17 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार, 24 से अनिश्चितकालीन धरना
आंदोलन के अगले चरण में 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर कार्य बहिष्कार के साथ धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर 24 अक्टूबर से मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की गई है।
नवनियुक्त लेखपालों के परीक्षा परिणाम और स्थायीकरण का मुद्दा भी शामिल
लेखपाल संघ ने नवनियुक्त लेखपालों के विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित करने और स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग भी उठाई है। संघ का कहना है कि लंबित मांगों के समाधान के लिए शासन स्तर से सकारात्मक पहल जरूरी है।
आंदोलन के कार्यक्रम के अनुसार अब 3 अक्टूबर से शुरू हुआ यह चरणबद्ध आंदोलन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक आगे बढ़ेगा। मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की गई है।




