64 पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया जारी, पुराने छूटे छात्रों को भी पुनः पंजीकरण का अवसर
चंदौली।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के जुलाई 2026 सत्र में प्रवेश लेने से वंचित रह गए विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांग पर प्रवेश की अंतिम तिथि सात अक्टूबर से बढ़ाकर 13 अक्टूबर 2026 कर दी है। इसके साथ ही द्वितीय और तृतीय वर्ष में प्रवेश तथा री-रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि भी 13 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इससे विभिन्न कारणों से प्रवेश नहीं ले पाने वाले विद्यार्थियों को एक बार फिर अवसर मिल सकेगा।
विश्वविद्यालय के वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. एसके सिंह ने बताया कि जुलाई 2026 सत्र में प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है। प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को अपार आईडी (APAAR ID), एबीसी आईडी (ABC ID) और यूजीसी डीईबी आईडी (UGC-DEB ID) बनवाने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से 64 पाठ्यक्रमों में प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इनमें परास्नातक, स्नातक, डिप्लोमा, प्रमाण-पत्र और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। विद्यार्थी बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीएलआईएस, एमए, एमएससी, एमकॉम, एमएलआईएस, एमजे, एमबीए, एमसीए, होम साइंस, टेक्सटाइल्स सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं।
चार नए विषयों में भी प्रवेश का अवसर
डॉ. सिंह के अनुसार, विश्वविद्यालय ने चार नए विषयों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की है। इनमें एमए लोक प्रशासन, एमए/एमएससी गणित, एमएससी जूलॉजी और एमएससी बॉटनी शामिल हैं। इससे इन विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को भी अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त सभी स्नातक कार्यक्रमों के द्वितीय वर्ष में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कौशल पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है।
पुराने विद्यार्थियों को भी मिलेगा लाभ
विश्वविद्यालय ने जुलाई सत्र में छूटे हुए विद्यार्थियों के लिए री-रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू की है। ऐसे विद्यार्थी जो किन्हीं कारणों से अपना पाठ्यक्रम पूरा नहीं कर पाए थे, वे पुनः पंजीकरण कर अपनी पढ़ाई आगे बढ़ा सकते हैं। इससे उन्हें विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था से दोबारा जुड़ने और नियमानुसार आगामी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सकेगा।
डॉ. सिंह ने बताया कि वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय से वाराणसी, जौनपुर, मीरजापुर, भदोही, चंदौली, सोनभद्र और गाजीपुर समेत सात जिलों के लगभग 265 अध्ययन केंद्र संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को अधिक से अधिक लोगों तक सुलभ कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की।




