नौगढ़ पुलिस की कार्रवाई के बीच पूर्व में सोशल मीडिया पर वायरल हथियारों के वीडियो ने खड़े किए सवाल, ‘सरकार जितेंद्र बादशाह’ आईडी की तस्वीरें भी चर्चा में
चन्दौली एक्सप्रेस नौगढ़। नौगढ़ पुलिस ने 28 सितंबर को कौवाघाट पुल के पास चेकिंग के दौरान एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर उसके कब्जे से 32 बोर की अवैध पिस्टल, एक खोखा कारतूस और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार संबंधित मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई है। कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर पहले से मौजूद कुछ फोटो और वीडियो ने मामले में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्व में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में संबंधित युवक 315 बोर का कट्टा हाथ में लेकर उसे लहराते हुए दिखाई देता है। वीडियो में वह कट्टे का बैरल खोलकर उसमें 315 बोर का जिंदा कारतूस डालता हुआ भी नजर आ रहा है। अब 32 बोर की पिस्टल पुलिस कस्टडी में पहुंचने के बाद सवाल उठ रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहे 315 बोर के कट्टे और जिंदा कारतूस की स्थिति क्या है।
मामले से जुड़ी सोशल मीडिया सामग्री में ‘sarkar_jitendar_badshah’ नाम की इंस्टाग्राम आईडी भी सामने आई है। उपलब्ध तस्वीरों में युवक पुलिसकर्मियों के साथ खड़ा होकर फोटो खिंचवाता नजर आ रहा है। तस्वीरों की तारीख और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है, लेकिन यदि ये सामग्री उसी व्यक्ति से संबंधित पाई जाती है तो इसकी तकनीकी जांच पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ सकती है।
पुलिस की ओर से जारी बरामदगी विवरण में 32 बोर की पिस्टल, खोखा कारतूस और मोटरसाइकिल का उल्लेख है। दूसरी ओर पूर्व में सोशल मीडिया पर दिखाई दे चुके 315 बोर के कट्टे और जिंदा कारतूस का कोई उल्लेख नहीं है। ऐसे में जांच के लिहाज से यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि वीडियो कब बनाया गया, उसमें दिखाई दे रहा हथियार वास्तविक है या नहीं और यदि वास्तविक है तो उसकी बरामदगी हुई या नहीं।
मामले में सवाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने का नहीं, बल्कि पुलिस की बरामदगी और सोशल मीडिया पर सामने आई सामग्री के बीच तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने का है। 32 बोर की पिस्टल पुलिस के कब्जे में है, लेकिन 315 बोर के कट्टे और जिंदा कारतूस को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। यदि वायरल वीडियो की जांच में उसकी पुष्टि होती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—32 बोर की पिस्टल का हिसाब पुलिस ने दे दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर पहले दिखाई दे चुके 315 बोर के कट्टे और जिंदा कारतूस का हिसाब कब सामने आएगा?




