कटाई के दौरान निकली चिंगारी बनी कहर, 40 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख
चंदौली: क्षेत्र के जरखोर गांव में सोमवार को एक बड़ी घटना सामने आई, जब हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई के दौरान निकली चिंगारी से भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 40 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। इस घटना से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है और वे मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार दोपहर गांव के खेतों में हार्वेस्टर मशीन से गेहूं की कटाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान मशीन से निकली एक चिंगारी सूखी फसल पर जा गिरी, जिससे अचानक आग भड़क उठी। तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया।
आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हार्वेस्टर चालक स्थिति बिगड़ती देख मशीन लेकर वहां से भागने लगा। उधर, खेतों से उठती तेज लपटों और धुएं को देखकर आसपास के ग्रामीण और किसान तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने पानी, मिट्टी और टहनियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
घटना के दौरान हार्वेस्टर चालक मशीन को छोड़कर मौके से फरार हो गया। इससे नाराज किसानों ने हार्वेस्टर को घेर लिया और मालिक के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि इस लापरवाही के कारण उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे बबुरी थानाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा ने स्थिति को संभाला और आक्रोशित किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने हार्वेस्टर को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित किसानों में शामिल गुल्लु राम, लक्ष्मण, झुन्नू राम समेत अन्य किसानों ने बताया कि वे छोटे और सीमांत किसान हैं, जो किराये पर खेत लेकर खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि पहले ही बाढ़ के कारण उनकी धान की फसल बर्बाद हो चुकी थी और अब इस आगजनी ने उनकी गेहूं की फसल भी खत्म कर दी है।
किसानों का कहना है कि यदि सरकारी मुआवजा मिलता भी है, तो वह जमीन के मालिक को मिलेगा, जबकि असली नुकसान उन्हें हुआ है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें सीधे मुआवजा दिया जाए या फिर हार्वेस्टर मालिक से नुकसान की भरपाई कराई जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि फसल कटाई के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसानों के लिए बेहद घातक साबित हो रही है।
इन किसानों की फसल हुई नष्ट
इस आगजनी में कई किसानों की फसल जलकर राख हो गई।
प्रमुख रूप से प्रभावित किसानों में—
हरि प्रताप सिंह (लगभग 30 बीघा), जोगेंद्र प्रताप (1 एकड़), रणधीर (1 बीघा), बुद्धू (15 बिस्वा), श्रीपत (10 बिस्वा), गुल्लु राम (1 बीघा), झुन्नू राम (2 बीघा), बुद्धू राम (1 बीघा), लक्ष्मण (डेढ़ बीघा), चंदा देवी (14 बिस्वा) तथा रामसूरत (डेढ़ बिस्वा) शामिल हैं।




