राज्यपाल के नाम चार सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौपा
चकिया (चंदौली): संयुक्त किसान मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय आह्वान पर उत्तर प्रदेश किसान सभा, चंदौली के बैनर तले किसानों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने उप जिलाधिकारी चकिया को माननीय राज्यपाल महोदय के नाम संबोधित चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार की विभिन्न नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना था कि बिजली के क्षेत्र में लागू की जा रही स्मार्ट मीटर योजना किसानों और आम उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। उन्होंने मांग की कि बिजली का स्मार्ट मीटर लगाना तत्काल बंद किया जाए और बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया पर भी रोक लगाई जाए। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर पहले से लगाए जा चुके हैं, उन्हें तत्काल हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
किसानों ने ग्रेटर नोएडा में आंदोलनरत श्रमिकों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि वहां के श्रमिकों को तत्काल रिहा किया जाए और उनके ऊपर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए। किसानों ने इसे श्रमिकों के अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की अपील की।

इसके अलावा किसानों ने जनपद चंदौली में सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी नहरों की मरम्मत और सिल्ट सफाई मई-जून माह में ही कराई जाए, ताकि खरीफ सीजन में किसानों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। समय पर नहरों की सफाई न होने से खेती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
किसानों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को पूर्ववत प्रभावी तरीके से लागू करने की भी मांग की। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं, ऐसे में मनरेगा को मजबूत बनाना आवश्यक है ताकि गरीब और मजदूर वर्ग को रोजगार मिल सके।
इस मौके पर जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में रामनिवास पांडेय, भुगूनाथ, लालमणि विश्वकर्मा, जयप्रकाश, राजेंद्र यादव, मटरु, मदन, मुरारी, बडेलाल, नंदलाल, मराछूराम, शत्रुघ्न चौहान, मनमोहन, दीपक यादव, काशी बिंद, दीनानाथ सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अंत में किसानों ने “जय जवान, जय किसान” के नारों के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।




