सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मनाने की अपील, नई परंपरा पर रोक:CO रघुराज
सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और सोशल मीडिया पर विडियो पोस्ट करने पर रोक
शहाबगंज। आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को लेकर शनिवार को थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस क्षेत्राधिकारी रघुराज ने की। बैठक में क्षेत्र के धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत नागरिकों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए सीओ रघुराज ने कहा कि बकरीद का पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द के वातावरण में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू न की जाए और पूर्व से चली आ रही परंपराओं के अनुसार ही त्योहार मनाया जाए। उन्होंने कहा कि जनसरोकार से ही थाना चलता है, इसलिए सभी लोग कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपने-अपने गांवों में साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों को निर्धारित गड्ढों में ही दफनाया जाए। कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था की जाए ताकि कहीं भी गंदगी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
सीओ ने प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर सख्ती बरतने की चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हालत में प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न की जाए। यदि किसी को ऐसी जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और क्षेत्र का अमन-चैन बना रहे।
बैठक में ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज की व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कुर्बानी केवल घरों के अंदर ही की जाए। सार्वजनिक स्थानों, सड़कों या खुले स्थानों पर कुर्बानी करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही कुर्बानी से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट न करने की भी हिदायत दी गई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा करना कानूनी अपराध माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सभी लोग एकजुट होकर त्योहार मनाएं और शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन हर स्तर पर पूरी तरह मुस्तैद है।
बैठक में एसआई प्रभुनाथ यादव, रामचंद्र शाही, शिवानंद सिंह, शिवपूजन सिंह, सदर जैनुल आबेदीन, गुलफाम अहमद, सजाउद्दीन प्रधान, असलम अंसारी, सत्येंद्र सिंह, परवेज, इरफान, इमरान, शाकिब, त्रिभुवन राम, संगम लाल, सिरताज अंसारी, शमशाद, मौलाना हलीम सहित क्षेत्र के धर्मगुरु एवं संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।




