खाद के साथ जबरन जैविक पैकेट थोपने का आरोप, किसान सभा ने खोला मोर्चा
चकिया, चंदौली। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले शुक्रवार को किसानों ने कृभको क्रय केंद्र मोहम्मदाबाद, चकिया पर धरना-प्रदर्शन कर खाद वितरण व्यवस्था में अनियमितता और किसानों के आर्थिक शोषण का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि केंद्र पर खाद लेने आने वाले किसानों को जबरन जैविक खाद का पैकेट खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जैविक पैकेट न लेने पर किसानों को खाद नहीं दी जा रही है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि प्रत्येक जैविक पैकेट के नाम पर किसानों से लगभग 150 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। यदि कोई किसान चार बोरी खाद खरीदता है तो उसे खाद के निर्धारित मूल्य के अतिरिक्त 600 रुपये अलग से देने पड़ रहे हैं। किसानों ने इसे खुलेआम लूट और किसानों के साथ अन्याय बताया।
किसान सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि खाद की बिक्री निर्धारित सरकारी दरों पर होनी चाहिए, लेकिन केंद्र पर किसानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। विरोध के दौरान किसान सभा के हस्तक्षेप से कुछ किसानों से वसूली गई अतिरिक्त धनराशि वापस भी कराई गई।
किसान नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में खाद के साथ जबरन जैविक पैकेट देकर किसानों से धन वसूली की गई तो अखिल भारतीय किसान सभा व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने मांग की कि दोषी कर्मचारियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए किसानों से अवैध वसूली तत्काल बंद कराई जाए।

प्रदर्शन के बाद किसानों ने उप जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। तहसीलदार ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
इस दौरान किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद एडवोकेट, राजेंद्र यादव, भुगुनाथ विश्वकर्मा, नंदलाल राम, लालजी मास्टर, चंदन कुमार, शत्रुघ्न चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
किसानों का कहना है कि खेती पहले से ही बढ़ती लागत और मौसम की मार से प्रभावित है। ऐसे में खाद वितरण केंद्रों पर इस प्रकार की कथित जबरन वसूली किसानों की परेशानियों को और बढ़ा रही है। किसान सभा ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण केंद्रों की नियमित निगरानी कर किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।




