शिक्षा, समय प्रबंधन और बालिका शिक्षा पर वक्ताओं ने दिया विशेष जोर
इलिया /चंदौली! लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को पंचायत भवन सरैया परिसर में “लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर मेधावी सम्मान समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 32 गांवों से आए 402 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान शैक्षिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 32 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा मेडल, प्रमाण पत्र और शैक्षिक किट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित विद्यार्थियों में सृष्टि मौर्य, संस्कार यादव, सौम्या मौर्य, हर्ष पाल, श्याम सुंदर पाल, दिव्यांशी जायसवाल, अनुज मौर्य, प्रतीक मौर्य, रूबी पाल, आंशिक प्रजापति, इरम अंसारी सहित अन्य प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं शामिल रहे। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रघुराज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वाध्याय, स्मरण शक्ति और समय प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। उन्होंने प्रसिद्ध गीत “नन्हे-मुन्ने बच्चों तेरी मुट्ठी में क्या है” का उल्लेख करते हुए बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति को समाज में सम्मान और सफलता दिलाने का सबसे सशक्त माध्यम है तथा विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रिया रघुराज ने अपने संबोधन में बालिका शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने तीन शताब्दी पूर्व ही महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं की शैक्षिक और सामाजिक स्थिति को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है तथा बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

खंड शिक्षाधिकारी अजीत पाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। वहीं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रंजीत पाल ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण, कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल, सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम, रमेश कुमार मौर्य, चंदन सेठ, शंभूनाथ जायसवाल, नीलम पाल, मनोज श्रीवास्तव, वीरेंद्र पाल, हरिश्चंद्र पाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नंदलाल शास्त्री ने किया, जबकि संयोजक प्रदीप पाल ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।




